रात को घड़ी में बारह बजते ही मंदिरों, घरों में शंख, घंटे घड़ियाल की ध्वनि गूंजने लगी। भगवान का जन्म होते ही भक्त जय कन्हैया लाल के उद्घोष करने लगे, पूरा वातावरण अलौकिक हो गया। हर तरफ बधाई गीत गाए जाने लगे। भगवान के दर्शन कर आरती उतारकर श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
शहर में मनोरंजन सदन के साथ ही शहर में विभिन्न स्थानों पर सजी झांकियों को देखने के लिए देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। शनिवार सुबह से ही पर्व की धूम नजर आने लगी थी। दिनभर भक्तों ने उपवास रखा, रात जैसे ही घड़ी की सुइयां 12 पर पहुंची, चारों ओर श्रीकृष्ण का प्राकृट्योत्सव धूमधाम से मनाया गया।
मंदिर से लेकर घरों में लड्डू गोपाल का अभिषेक करने के साथ ही परंपरागत तरीके से पूजा अर्चना की गई। शहर के प्रमुख मंदिरों के साथ ही घरों में भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों की मनोहारी झांकियां सजाई गईं। रेलवे कालोनी स्थित मनोरंजन सदन में 51वां जन्मोत्सव कार्यक्रम मनाया गया।
भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों की मनोहारी झांकी सजाई गई। यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां आयोजित मेले का भी लोगों ने भरपूर लुत्फ उठाया। मालगोदाम के पास लगी सिग्नल विभाग की झांकी में सजीव रूप से कृष्ण लीलाओं का मंचन किया गया। पुलिस लाइन में भी पुलिसकर्मियों की ओर से झांकी का आयोजन किया गया। देर रात तक यहां भी भक्त झांकी देखने के लिए पहुंचे।