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संदिग्ध दशा में गोली चली, युवक की मौत

Sun, 22 Mar 2015 11:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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जसवंतनगर थाना क्षेत्र के गांव मुग्गपुरा में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। युवक का शव उसके ट्यूबवेल के बाहर पड़ा मिला। युवक ने गोली खुद मारी या फिर किसी ने उसकी हत्या की यह रहस्यमय बना हुआ है। पुलिस को घटनास्थल से कोई हथियार भी नहीं मिला है। परिजन चुप्पी साधे हुए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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शनिवार की देर रात मुग्गपुरा गांव स्थित प्राथमिक पाठशाला के सामने नवनिर्मित हनुमान मंदिर परिसर में भजन कीर्तन का कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम में भारी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए थे। इस कारण से मंदिर के आसपास रात के वक्त आवाजाही थी। रात करीब साढ़े 10 बजे मंदिर के ठीक सामने स्थित ट्यूबवेल के बाहर ग्रामीणों ने खून से लथपथ युवक का शव पड़ा देखा।

मृतक की शिनाख्त गांव के ही रवि कुमार (22) पुत्र रामस्वरूप शाक्य के रूप में हुई। रवि की मौत कनपटी पर गोली लगने से हुई थी। सूचना पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। शव को देखकर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। रात में ही पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की, लेकिन पुलिस को मौके से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ। इसलिए पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है। वहीं इस पूरे घटनाक्रम में परिवारीजन चुप्पी साधे हुए हैं। न तो वह हत्या की बात कह रहे हैं और न ही आत्महत्या की।

इस संबंध में एसएसआई सुधाकर सिंह का कहना है कि शव को देखने से लगता है कि गोली कनपटी पर दाहिनी ओर लगी है। इससे यही संभावना लग रही है कि युवक ने आत्महत्या की है, लेकिन असलहा न मिलना मामले को उलझा रहा है। पुलिस हर पहलू को लेकर जांच कर रही है।

खुशमिजाज था रविकुमार
रवि के पिता राम स्वरूप खेतीबाड़ी करते हैं। परिवार में दो बेटे और पांच बेटियां हैं। रवि की शादी नहीं हुई थी इस कारण उसके ऊपर कोई जिम्मेदारी भी नहीं थी। ग्रामीणों का कहना था कि मृतक खुशमिजाज था। वह आत्महत्या नहीं कर सकता है।

हालात बता रहे हत्या
पुलिस ने मौके से जो सबूत जुटाए वह हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस को मौके से न असलहा मिला और न ही कारतूस का खोखा। युवक खुद गोली मारता तो असलहा और कारतूस का खोखा शव के आसपास मिलना चाहिए था। वारदात स्थल से कुछ दूरी पर मंदिर में भजन-कीर्तन चल रहा था। किसी ने गोली की आवाज नहीं सुनी।
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