सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जैनपुर नागर गांव में बारिश से नम हुई एक घर की जर्जर दीवार ढह गई। शनिवार की दोपहर हुए इस हादसे में गृहस्वामी व गली में खेल रहे तीन बच्चे मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने आनन-फानन इनको बाहर निकाला, लेकिन तब तक गृहस्वामी व पड़ोस की एक बच्ची की मौत हो चुकी थी।
ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल दो बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना मिलने पर आई पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव जैनपुर निवासी प्रेमचंद्र (35) पुत्र मातादीन का गांव में ईंटों का पुराना मकान है। वह अपनी पत्नी, वृद्ध मां और दो बच्चों के साथ रहता था। शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे उसके बच्चे कंचन (10) व राज (7) पड़ोस में रहने वाली देवेंद्र की आठ वर्षीय पुत्री प्रतिज्ञा के साथ गली में खेल रहे थे।
प्रेमचंद्र घर के अंदर से निकल रहे थे, तभी घर की बाहरी दीवार ढह गई। सभी लोग मलबे में दब गए। हादसा देख ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े और तुरंत मलबा हटाकर उसमें दबे लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक प्रेमचंद्र व प्रतिज्ञा की मौत हो चुकी थी, जबकि कंचन और राज गंभीर रूप से घायल थे।
ग्रामीणों ने तत्काल दोनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। कंचन की हालत गंभीर है। घटना की जानकारी पर आए थानाध्यक्ष विनोद यादव ने पंचनामे के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सदर विधायक रघुराज सिंह शाक्य पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त कर परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाए जाने का भरोसा दिया। ग्रामीणों के अनुसार दीवार काफी पुरानी थी और गारे से जुड़ी थी। गारे की मिट्टी निकलने से दीवार कमजोर हो गई। जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त हल्की बूंदाबांदी हो रही थी।