इटावा। गोशालाओं के संचालन में लापरवाही बरतने पर डीएम श्रुति सिंह ने बढ़पुरा और जसवंतनगर ब्लाक के रायनगर के प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारी सीज कर दिए हैं। दोनों गांवों के पंचायत सचिवों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। दोनों गांवों में तीन सदस्यीय समिति गठन करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
जिला पंचायत अधिकारी (डीपीआरओ) बनवारी सिंह ने 15 अप्रैल को बढ़पुरा ब्लाक की ग्राम पंचायत बढ़पुरा का निरीक्षण किया था। 3.87 लाख खर्च कर लगाए गए चारों आरओ बंद मिले थे। गोशाला में हरे चारे और भूसे की कमी के साथ तीन तरफ बाउंड्रीवाल टूटी मिली थी। सामुदायिक शौचालय बंद होने के साथ केयर टेकर को आठ महीने से मानदेय का भुगतान न होने की भी शिकायत मिली थी।
डीपीआरओ की रिपोर्ट पर डीएम ने पंचायत सचिव विवेक तिवारी को निलंबित कर प्रधान रमेश चंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। प्रधान ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। डीएम ने प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। बीडीओ और एडीओ पंचायत को पंचायत के कार्य संचालित करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठन करने के निर्देश भी दिए हैं।
उपायुक्त श्रम रोजगार शौकत अली ने 14 अप्रैल को जसवंतनगर ब्लाक की ग्राम पंचायत रायनगर का निरीक्षण किया था। यहां गोशाला से गोवंश को भगाने के साथ हरे चारा व भूसा न देेने की शिकायत मिली थी। उपायुक्त की रिपोर्ट पर डीएम ने पंचायत सचिव संजीव यादव को निलंबित कर प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। प्रधान का जवाब संतोषजनक न होने पर डीएम ने प्रधान राज कुमार के भी वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारी सीज कर दिए हैं।