फोटो: 25 सहकारी समिति बकेवर पर लगा ताला। संवाद
बकेवर। सहकारी समितियों के सचिवों के हड़ताल पर होने के चलते पिछले छह दिनों से किसानों को डीएपी नहीं मिल रही है। हर-रोज किसान डीएपी लेने के लिए समिति के चक्कर काट रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। ऐसे में किसान प्राइवेट दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।
इस समय रबी की फसलों की बोआई चल रही है। सरसों व आलू की फसलों की 50 फीसदी बोआई हो चुकी है। जबकि 50 फीसदी की बोआई अभी होनी है लेकिन बकेवर लखना महेवा व लवेदी क्षेत्र के किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रही है। छह दिन पहले 22 अक्तूबर को बकेवर समिति पर अंतिम बार छह सौ बोरी डीएपी खाद का वितरण हुआ था। जिसमें खाद समाप्त हो जाने के कारण तमाम किसानों को खाद नहीं मिल सकी थी।
उसके अगले दिन 23 अक्तूबर से समिति के सचिव अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। तब से अभी भी हड़ताल पर ही है। इस कारण समितियों पर जिला मुख्यालय से डीएपी यूरिया ही नहीं आ पा रही है। हर-रोज कई किसान सुबह से ही बकेवर समिति पर आकर इंतजार करते हैं लेकिन हड़ताल के चलते समिति बंद होने से उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है।
प्राइवेट दुकानों से महंगे-महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। समिति के सचिव राजीव गोयल ने बताया सहकारी समितियों के सचिव मांगों को लेकर हड़ताल पर है। इस कारण खाद जिला मुख्यालय से नहीं आई है।