सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व्यक्तिगत मित्र हैं, लेकिन राजनीतिक रूप से वह प्रतिद्वंद्वी हैं। यह बात मंगलवार को फर्रुखाबाद के संकिसा में चल रहे कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में सैफई हवाई पट्टी पर कही।
उन्होंने कहा कि विपक्ष में होने के नाते अखिलेश यादव अपनी पार्टी की सरकार बनने की बात कहेंगे, लेकिन जनता सब जानती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का दावा किया। कहा कि वह ऐतिहासिक बौद्ध स्थल संकिसा जा रहे हैं। बौद्ध मान्यताओं के अनुसार, भगवान बुद्ध अपनी माता और देवताओं के साथ देवलोक से यहां उतरे थे।
सम्राट अशोक ने भी यहां स्तंभ स्थापित कराया था। उन्होंने कहा कि संकिसा और आसपास के क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन एवं आस्था केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से बातचीत की जाएगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार चुनाव हारने के कारण विपक्ष के नेता अपना संतुलन खो रहे हैं। भाजपा ने भी करीब 50 वर्ष विपक्ष में बिताए, लेकिन पार्टी ने अपना संतुलन नहीं खोया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने मेहनत के दम पर सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि खरगे और राहुल गांधी को अपनी भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। जनता के बीच काम करने से विश्वास मिलता है, न कि विदेश यात्राओं और कभी-कभार दिए जाने वाले विवादित बयानों से।
राहुल गांधी के रामलला के दर्शन करने और व्यापारियों को होने वाली परेशानियों से जुड़े सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर जाना सभी का अधिकार है। हालांकि, इससे आम लोगों की जिंदगी और कारोबार प्रभावित नहीं होने चाहिए। विरोध के नाम पर तोड़फोड़ और हिंसा नहीं होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद को पूरी तरह डिजिटल किए जाने की सराहना करते हुए रिजिजू ने कहा कि अब विधायक मोबाइल के माध्यम से सवालों के जवाब और जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास की गति तेज हुई है।
उन्होंने अपने पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि बचपन में दिल्ली से अरुणाचल प्रदेश या असम जाते समय उत्तर प्रदेश को सड़क मार्ग से पार करने में तीन दिन लग जाते थे। अब बेहतर सड़कों के कारण यह दूरी एक ही दिन में तय करना संभव है।