इटावा। पंचायत चुनाव में भाजपा के निराशाजनक प्रदर्शन करने की गाज आखिरकार जिलाध्यक्ष अजय धाकरे पर गिर गई। वह जनवरी 2020 में शिव महेश दुबे के स्थान पर जिलाध्यक्ष बने थे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने रविवार की देर शाम उन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटाकर जिला कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष संजीव राजपूत को जिलाध्यक्ष घोषित किया है। नए जिलाध्यक्ष को सांसद डा.रामशंकर कठेरिया का नजदीकी माना जाता है। वह उनके हर कार्यक्रम में पार्टी के साधारण कार्यकर्ता के रूप में ही नजर आए।
भाजपा ने विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर विशेषकर लोधी राजपूत वोटों को ध्यान में रखते हुए संजीव राजपूत को जिलाध्यक्ष बनाया है। जनपद में 70 से 80 हजार लोधी राजपूत वोटर हैं। जनपद में तीन विधानसभा है। वर्तमान में दो सीटों पर भाजपा का कब्जा है। नए जिलाध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती विधानसभा चुनाव ही हैं। लिहाजा भाजपा को 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को दोहराने की होगी।
संजीव बढ़पुरा वार्ड प्रथम से जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव भी लड़े थे, लेकिन उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। संजीव राजपूत पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के भाजपा से अलग होकर बनाई गई राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। राक्रांपा के भाजपा में विलय होने तक संजीव राजपूत ही जिलाध्यक्ष थे।