इटावा। कोर्ट में पेशी पर आए एक विचाराधीन बंदी पर ब्लेड से हमला करने के आरोपी दूसरे बंदी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक के जज ने सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर अभियुक्त को 10 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
अपर शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि जसवंतनगर क्षेत्र के नवलपुर गांव निवासी बृजेंद्र उर्फ बल्ला एक मामले में जिला कारागार में निरुद्ध था। उसी समय इकदिल थानाक्षेत्र के गुलियात गांव का जलालुद्दीन भी बंद था। 25 सितंबर 2014 को बृजेंद्र व जलालुद्दीन को जेल से अभिरक्षा में पेशी पर लाया गया। दोनों कचहरी हवालात में थे। तभी जलालुद्दीन ने बृजेंद्र पर ब्लेड से हमला कर दिया। जिसमें वह घायल हो गया।
आरोप है कि जेल में बृजेंद्र से जलालुद्दीन रंगदारी मांग रहा था। उस पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। मामले में न्यायाधीश ने अभियुक्त जलालुद्दीन को हत्या के प्रयास का दोषी मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में अभियुक्त की पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को इस सजा में समायोजित किया जाएगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।