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फूटी आंख से घट रही सैफई चिकित्सा विवि की साख

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सैफई मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर गेट पर लगा खराब सीसीटीवी कैमरा। संवाद - फोटो : ETAWAH
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सैफई (इटावा)। सीसीटीवी कैमरे खराब होने से उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई की खास पर बट्टा लग रहा है। कैमरे खराब होेने से मरीजों, तीमारदारों के पर्स, मोबाइल व अन्य सामान की चोरियों का खुलासा नहीं हो पाता है। आए दिन होने वाले विवादों और घटनाओं का सच भी सामने नहीं आ पाता है। इससे हर घटना का इल्जाम डॉक्टरों, कर्मचारियों के मत्थे ही मढ़ दिया जाता है।
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चिकित्सा विश्वविद्यालय के सीसीटीवी कैमरे करीब तीन वर्ष से खराब पड़े हैं। हर घटना के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी जल्द ही सीसीटीवी कैमरे ठीक कराने की बात कहते हैं और कुछ दिन बाद भूल जाते हैं। कई बार पुलिस कुलपति से सीसीटीवी कैमरे ठीक कराने के लिए लिखित अनुरोध कर चुकी है। दरअसल कैमरे खराब होने से पुलिस विवादों के तह तक नहीं पहुंच पाती है। इसी कारण कई घटनाएं और विवादों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। कुलसचिव सुरेश चंद शर्मा का कहना है कि कुछ सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। उन्हें ठीक कराने के लिए जल्द ही नया टेंडर होगा।
हंगामे और विवाद की जांचें ठंडे बस्ते में
12 दिसंबर 2019 : दोपहर में डॉक्टर और मरीजों के तीमारदारों में विवाद हो गया था। मैनपुरी निवासी मरीज के साथ में आई युवती ने डॉक्टर पर मारपीट कर चेन लूटने का आरोप लगाया था। डॉक्टर व स्टाफ ने मोबाइल छीनने और मारपीट का आरोप लगाया था। जांच के लिए कुलसचिव ने पांच सदस्य टीम बनाई थी। पुलिस भी बुलाई गई थी। सीसीटीवी कैमरे खराब होने से विवाद का का कारण नहीं पता चला।
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6 मई 2021 : मैनपुरी की बरनाल थाना क्षेत्र के आशीपुर निवासी महिला मरीज की मौत पर तीमारदारों ने हंगामा कर दिया था। उनकी डॉक्टर और स्टाफ झड़प भी हुई थी। पुलिस बुलानी पड़ी थी। पुलिस ने समझाकर तीमारदारों को शांत कराया। तह तक जाने के लिए सीसीटीवी के फुटेज मांगे तो बताया कि कैमरे खराब हैं।
सामने नहीं आया तीमारदार की मौत का सच
मैनपुरी के मोहल्ला राजपुर निवासी राजेंद्र चौहान ने आठ अप्रैल 2022 को मां बिट्टा देवी (72) को चिकित्सा विवि में भर्ती कराया। उनकी किडनी में समस्या थी। 13 अप्रैल को राजेंद्र ने सुबह चार बजे इमरजेंसी ट्रामा सेंटर बिल्डिंग से कूदकर जान दे दी थी। पत्नी अंजू व पुत्र सोनू चौहान ने विवि प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाकर सीसीटीवी कैमरों के जरिये जांच का अनुरोध किया था। तब भी विवि प्रशासन ने सीसीटीवी खराब होने की जानकारी दी थी।
मरीजों की मौत से नहीं उठ पाया पर्दा
2016 में एक कैदी ने खिड़की से कूदकर जान दी थी। इस मामले में भी कई तरह के आरोप प्रत्यारोप लगे लेकिन जांच में सीसीटीवी कैमरे रोड़ा बन गए।
2017 में ओपीडी के चतुर्थ तल पर भर्ती टीबी रोगी मनोज निवासी हवेलिया, दरनाहार जिला मैनपुरी ने भी कूदकर जान दी थी। परिजनों डॉक्टरों और स्टाफ पर आरोप लगाए थे। यह मामला भी सीसीटीवी खराब होने से खुल नहीं पाया।
05 नवंबर 2020 को कोविड अस्पताल में भर्ती मैनपुरी जिले की सुशीला ने तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। पुलिस और विवि प्रशासन ने जांच शुरू कराई थी लेकिन सीसीटीवी कैमरे खराब होने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

ट्रामा सेंटर के अंदर लगा खराब कैमरा। संवाद- फोटो : ETAWAH

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