अप्रैल में कई बार भूकंप के झटके आने के बाद आत्मरक्षार्थ एवं बचाव के लिए प्रयास तेज दिए गए हैं। अब माध्यमिक विद्यालयों में प्रति 15 दिन बाद सैफ्टी ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
बचाव के उपायाें को इस साल से कोर्स में भी शामिल करने का सुझाव दिया गया है। सभी प्रिंसिपलों को आपदा के समय विद्यालयाें से बाहर निकलने का प्लान तैयार करना होगा। डीएम को भी इस संबध में जानकारी देनी होग। इस संबंध में डीआईओएस ने सभी प्रिंसिपलों को अवगत करा दिया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग और उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग ने आपदा के समय बाहर निकलने के लिए योजना बनाने के निर्देश डीआईओएस क ो दिए थे। आदेश में यह भी कहा गया है कि प्लान तैयार करने के बाद एक प्रति डीएम को भी उपलब्ध कराई जाए।
आयोग ने दिए गए अपने सुझाव में कहा है कि विद्यालयाें में हर 15 दिन बाद सैफ्टी ड्रिल का आयोजन किया जाए। इसे पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाए। दो दिवसीय अवकाश के बाद स्कूल शुरू हो तो सभा का फिर आयोजन किया जाए। इसमें बच्चों को बाहर निकलने क ी योजना के बारे में विस्तार से बताया जाए।
डीआईओएस डा. देवेंद्र प्रकाश ने बताया कि आयोग तथा शासन से आए निर्देशों से सभी प्रिंसिपलों को अवगत करा दिया गया है। विद्यालय स्तर पर प्लान बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।