ताखा तहसील की घोषणा के बाद से तहसील भवन का निर्माण प्रशासन के गले की फंस बनी हुई है। जहां ताखा तहसील भवन का निर्माण प्रस्तावित है, वह जमीन वन विभाग की है।
भूमि के बदले में भूमि उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग के साथ वन विभाग की टीम चकरनगर क्षेत्र के गांव सिंडौस पहुंची तो ग्रामीणों ने ग्राम सभा की जमीन देने से इंकार कर दिया। विरोध के चलते टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
गौरतलब है कि शासन ने हाल में जिले को एक नई तहसील का तोहफा देते हुए ताखा तहसील की घोषणा की थी। अब इसके लिए भवन निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन की ओर से ताखा में तहसील भवन के लिए जो जमीन निर्धारित की गई है, उसका एक हिस्सा वन विभाग में आता है।
पेचीदगी से बचने के लिए प्रशासन वन विभाग की जमीन का ट्रांसफर न कराकर जमीन के बदले में जमीन मुहैया कराने के प्रयास में जुटा हुआ है। प्रशासन की ओर से चकरनगर क्षेत्र की सिंडौस ग्राम पंचायत में पांच हेक्टेयर जमीन वन विभाग को मुहैया कराने की योजना बनाई है।
इसी के तहत मंगलवार को वन विभाग, राजस्व विभाग की संयुक्त टीम जमीन की नापतौल के लिए सिंडौस गांव पहुंची। मामले की जानकारी जब स्थानीय ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने प्रदर्शन कर विरोध जताया। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत सिंडौस में जो जमीन पड़ी है उसका उपयोग वह भविष्य में अस्पताल एवं महाविद्यालय के लिए करेंगे।
पहले ही खेल मैदान के लिए छह एकड़ जमीन भूमि प्रबंध समिति की ओर से युवा कल्याण विभाग को दी जा चुकी है। ग्रामीणों ने ग्राम सभा की जमीन न देने के लिए प्रधान सज्जन सिंह राजावत पर भी दबाव बनाते हुए तत्काल ग्राम सभा की आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग की।
ग्राम प्रधान सज्जन सिंह राजावत ने बताया कि ग्रामवासियों की भावना के अनुरूप कार्य करने को हम बाध्य हैं। इस कारण से मेरे स्तर से भूमि स्थानांतरण का प्रस्ताव किया जाना असंभव है।
वहीं टीम में शामिल सदस्यों ने बताया कि प्रशासन ताखा तहसील के लिए वन विभाग की जमीन लेता है तो उसे जिले में कहीं पर भी उतनी ही जमीन वन विभाग को देनी होगी इसीलिए सिंडौस ग्राम सभा की पांच हेक्टेयर जमीन वन विभाग को देने की योजना है। ग्रामीणों के विरोध के बाद गांव पहुंची टीम वापस लौट गई।
डीएफओ कन्हैयालाल ने बताया कि जमीन के बदले जमीन देने का मामला प्रशासन स्तर का है। इसमें वन विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं है। अगर ताखा में तहसील भवन निर्माण के लिए प्रशासन को वन विभाग की जमीन चाहिए तो जिले में कहीं भी उतनी ही जमीन वन विभाग को देनी होगी।