मैनपुरी अधोगामी पुल के किनारे सड़क पर बिछाई गई डामरयुक्त गिट्टी एक दिन भी नहीं टिक पाई। बुधवार रात बनी इस सड़क के उखड़े हुए डामर को लेकर लोगों ने निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही की पोल खोल दी।
लोगों ने कहा कि डामरीकरण के इस कार्य में मानकों की अनदेखी की गई है। सड़क के कई हिस्सों में निर्माण कार्य से पहले लगे मिट्टी और गोबर के ढेर को जस का तस छोड़कर डामरीकरण कर दिया गया। जिससे कई जगहों पर सड़क की चौड़ाई भी कम हो गई है।
वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में बजट को निपटाने की कवायद हो रही है। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड एक के अधीन बनी उक्त सड़क इसका जीता जागता उदाहरण है। शहर से सटे अधोगामी रेलवे पुल के लाइन पार एरिया में दोनों किनारों पर बनी सड़क जर्जर हो गई थी। 340 मीटर लंबी इस सड़क पर राज्य सड़क निधि से डामरयुक्त गिट्टी बिछाई गई। बुधवार 22 मार्च को दिन और रात में यह कार्य पूरा किया गया।
गुरुवार सुबह सड़क किनारे बसे शांति कालोनी के लोगों ने कई जगह डामरयुक्त गिट्टी को उखड़ा हुआ देखा और इस घटिया निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई। मौके पर भी सड़क के निर्माण में बरती गई लापरवाही साफ जाहिर हो रही है। यह सड़क कहीं चौड़ी तो कहीं संकरी हो गई है। लोगों का कहना है कि डामरीकरण से पूर्व सड़क की सतह से मिट्टी तक नहीं हटाई गई। इस कारण डामरयुक्त गिट्टी सतह से सेट नहीं हो रही और उखड़ने लगी है।
जनवरी में नगर की कुल 12 सड़कों का निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ है। जिसमें उक्त सड़क भी शामिल है। उसके बाद आचार संहिता लागू हो गई। संबंधित एई की निगरानी में काम हो रहे हैं। यदि कोई खामी है तो उसकी जांच होगी। उक्त सड़क पर सिर्फ डामरीकरण कराया गया है।
- अशोक कुमार अग्रवाल, पीडब्ल्यूडी सीडी वन एक्सईएन