इटावा। अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक में लंबित मामलों को लेकर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। कलक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में शनिवार को हुई इस बैठक में लंबित वादों और दोषसिद्धि की स्थिति जांची गई। माह में 18 अपराधियों को सजा मिली और 25 रिहा हुए।
डीएम ने कहा कि अभियोजन कार्यों की समीक्षा औपचारिकता न हो। प्रत्येक महत्वपूर्ण मामले की गंभीरता से निगरानी की जाए। उन्होंने 3-4 वर्षों से लंबित मामलों की सूची जांची। इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई के लिए निर्णय लेने होंगे। न्यायालयवार प्राथमिकता तय कर सुनवाई और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित हो। किसी भी मामले को अनावश्यक लंबित न रखा जाए। गंभीर अपराध करने वाले अपराधियों को किसी भी हाल में छोड़ा न जाए। अभियोजन अधिकारी साक्ष्यों के आधार पर मजबूत पैरवी करें।
जिलाधिकारी ने पुलिस और अभियोजन विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून में हुए बदलावों का प्रभावी उपयोग हो। महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों में गंभीरता बरतें। ऐसे मामलों में लापरवाही न हो, नियमित समीक्षा की जाए। इससे अपराधियों में कानून का भय और आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ेगा।