फोटो संख्या 09 - सुनवर्षा रजवाहा की फटी खांदी।
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बकेवर। सुनवर्षा रजबहा में हाईवे के निकट ग्राम पंचायत बलमपुरा की सीमा में रविवार रात खांदी कटने के कारण किसानों की गेहूं की लगभग 200 बीघा फसल जलमग्न हो गई। सूचना पर रजबहा में पानी का प्रवाह बंद करा दिया गया और खांदी को बंद कराने का काम जारी है।
कानपुर-आगरा हाईवे से करीब 200 मीटर दूर दक्षिण में रविवार की रात ग्राम पंचायत बल्लमपुरा की सीमा में रजबहा की खांदी कट गई। इस कारण ग्राम सुनवर्षा व बल्लमपुरा गांवों के किसानों की 200 बीघा जमीन डूब गई। किसानों ने बताया कि उनकी खेती बंबा की पटरी के किनारे थी। बल्लमपुरा निवासी शिववीर पुत्र रामबाबू की करीब 16 बीघा, शिव कुमार पुत्र रामदुलारे की 18 बीघा, शंकर पुत्र मुकुट बिहारी की 10 बीघा, विजय बहादुर की तीन बीघा, नाथूराम की पांच बीघा, श्रवण कुमार, सुभाष यादव व गोविंद बिहारी की 10-10 बीघा, रघुवीर नरायण की 15 बीघा और ग्राम सुनवर्षा के तारा की तीन बीघा, हरि त्रिपाठी व राजेश त्रिपाठी की पांच-पांच बीघा, सतीश त्रिपाठी की 20 बीघा, ब्रह्मानंद पाल पुत्र की आठ बीघा व काका तिवारी की 50 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। पीड़ित किसानों ने बताया कि खेती जलमग्न होने से हम सभी बर्बादी की कगार पर आ गए हैं। इस संबंध में जेई प्रदीप चौहान से जानकारी करने पर उन्होंने बताया कि रजबहा में पानी का प्रवाह बंद करा दिया गया है और खांदी को बंद कराया जा रहा है।
फोटो संख्या 10 - खांदी फटने से जलमग्न हुई गेहूं की फसल- फोटो : ETAWHA
फोटो संख्या 11 - फसल डूबने की व्यथा बताते पीड़ित किसान- फोटो : ETAWHA