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रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर, डॉक्टर नहीं लिख रहे अल्ट्रासाउंड जांच

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अल्ट्रासाउंड कक्ष में पड़ा ताला। संवाद - फोटो : ETAWAH
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इटावा। जिला अस्पताल के एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट के छुट्टी पर चले जाने से अल्ट्रासाउंड बंद हो गए हैं। डॉक्टर भी मरीाजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए नहीं लिख रहे हैं।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में इस समय प्रतिदिन लगभग 1000 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें पेट दर्द, फूड प्वाइजनिंग, डायरिया के मरीजों की संख्या अधिक रहती है। पेट में दिक्कत होने पर डॉक्टर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखते हैं। जिला अस्पताल के एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पारितोष शुक्ला 20 से 30 जून तक की छुट्टी पर चले गए हैं। 20 जून के पहले तक प्रतिदिन लगभग 40 मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। रेडियोलॉजिस्ट कक्ष में ताला लगा होने से डॉक्टर मरीजों को अल्ट्रासाउंड की जांच नहीं लिख रहे हैं।
अक्सर लग जाती है वीआईपी ड्यूटी
जिले में आए दिन किसी न किसी वीआईपी का दौरा लगा रहता है। वीआईपी का दौरा होने पर अक्सर रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी लगा दी जाती है, तब भी अल्ट्रासाउंड बंद रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कत दस बजे के बाद आने वाले मरीजों को होती है।
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राहतपुरा गांव की ऊषा देवी ने बताया कि पेट में कई दिनों से दर्द हो रहा है। डॉक्टर अल्ट्रासाउंड लिखेंगे यह सोचकर सुबह जल्दी आई थीं, लेकिन डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड एक सप्ताह बाद कराने की सलाह देकर दवा लिख दी है।
नई मंडी के अभिषेक तिवारी ने बताया कि पेट में दिक्कत है। 11:30 बजे दिखाने आए थे। पर्चा काउंटर पर बताया गया कि कंडोलेंस हो गई है। इमरजेंसी में पर्चा बनाने से मना कर दिया गया। अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लटका मिला।
11:30 बजे बंद कर दिया पर्चा काउंटर
इटावा। सुबह 11:30 बजे जिला अस्पताल की ओपीडी बंद कर दी गई। इसके बाद पहुंचे मरीज भटकते रहे। बताया गया कि एक सफाईकर्मी की मां का निधन हो गया है, जिससे कंडोलेंस कर दी गई है। 11:40 बजे अस्पताल पहुंचीं अधियापुर गांव की आराधना ने बताया कि कुत्ते ने काट लिया है। पर्चा नहीं बन पाया, मंगलवार को भी 12 बजे आई थीं लेकिन पर्चा नहीं बनाया गया था। कर्मचारियों की सलाह पर आराधना ने इमरजेंसी में जाकर इंजेक्शन लगवाया। रमन गुप्ता ने की पत्नी के बंदर ने काट लिया था। 11: 35 बजे वह पत्नी को लेकर ओपीडी पहुंचे लेकिन पर्चा नहीं बना। इमरजेंसी में जाकर इंजेक्शन लगवाया है।
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