मैनपुरी फाटक के पास सूत मिल के सामने जलभराव की समस्या पर सैकड़ों की
संख्या में लोगाें ने हाइवे पर जाम लगा दिया। घर में गंदा पानी घुसने से
गुस्साई महिलाएं सड़क पर बैठ गईं। करीब दो घंटे तक हाइवे पर यातायात ठप
रहा। लोगों सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वरचंद्र ने किसी प्रकार गुस्साएं लोगों क ो जाम खोलने के लिए राजी किया। सिटी मजिस्ट्रेट ने एक माह के भीतर जलभराव की समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया है। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से मैनपुरी फाटक के पास रणवीर नगर, शिवनगर, जालिम का अड्डा जलभराव की समस्या खड़ी हो गई है।
एक माह पहले तक सूत मिल की ओर पानी जाता रहता था, लेकिन आवास विकास के द्वारा जलनिकासी का रास्ता बंद करने से समस्या ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। शनिवार से हो रही बरसात के बाद से नालियां ओवरफ्लो हो गई हैं। सड़कों पर पानी भरा होने के कारण सैकड़ों घरों में पानी भर गया है।
समस्या इस हद तक गंभीर रूप धारण कर चुकी है कि बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। मैनपुरी सांसद तेजप्रताप के पिता स्व. रणवीर सिंह के नाम पर बसे रणवीर नगर में तो लोग घरों में कैद रहने क ो मजबूर हैं। घरों में पानी भर जाने से गुस्साए लोगों के सब्र का प्याला छलक गया।
रविवार को करीब 11 बजे सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर आ गए और सूत मिल के सामने हाइवे पर अवरोध खड़े कर जाम लगा दिया। गुस्साए लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महेश सिंह यादव, सुभाष सिंह यादव, शिवराजसिंह, ईश्वरचंद्र, ज्ञानेंद्र सिंह, हृदेश कुमार, सरकार सिंह, राममनोहर आदि ने बताया कि वे तहसील दिवस पर जिलाधिकारी को भी अवगत करा चुके है।
इसके अलावा लोनिवि मंत्री शिवपाल सिंह यादव से भी गुहार लगा चुके हैं। मजबूरी में उन्हें जाम लगाने के लिए बाध्य होना पड़ा है। जाम लगने की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी विनोद सिंह यादव हमराह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए थे।
उन्होंने जाम खुलवाने के लिए भरसक प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली। महिलाएं किसी भी सूरत में बिना समस्या के समाधान के लिए जाम खोलने के लिए तैयार नहीं थीं। पानी निकालने के लिए पालिका से टैंकर भी बुला लिया गया था।
बाद में सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वर चंद्र मौके पर पहुंचे और लोगों की बात सुनी। इसके बाद वे हाईवे पुल तक गए। आंदोलनकारियों को उन्होंने आश्वासन दिया कि नाले का निर्माण कर पानी कुनैरा वाले नाले में डाला जाएगा। नाले का निर्माण एक माह में कराकर समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। सिटी मजिस्ट्रेट का आश्वासन मिल जाने के बाद लोग जाम खोलने के लिए राजी हो गए।