इटावा। लुहन्ना चौराहे के पास एक निजी अस्पताल के कर्मचारियों ने राहगीरों को बेल्ट और डंडों से पीटा। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद राजपूत समाज में भारी आक्रोश फैल गया है। हांलाकि संवाद न्यूज एजेंसी इसकी पुष्टि नहीं करती है। पुलिस ने मामले में तीन नामजद और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
चौगान निवासी राजकुमार ने बताया कि शनिवार रात करीब एक बजे वह अपनी बहू सोनी और नातिन के साथ एक निमंत्रण से लौट रहे थे। नवजीवन अस्पताल के सामने कुछ लोग एक कार सवार से मारपीट कर रहे थे। इस दौरान लाठी का एक वार उनकी नातिन को लग गया। जब राजकुमार ने इसका विरोध किया तो अस्पताल के गार्ड और अन्य कर्मचारियों ने उन पर हमला कर दिया।
मनोज कुमार, कल्लू, सुनील यादव और दो-तीन बाउंसरों ने राजकुमार, उनकी बहू सोनी, जानकी और नेतराम को बुरी तरह पीटा। हमले में लाठी, डंडे, बेल्ट और रॉड का इस्तेमाल किया गया। मारपीट के दौरान अफरा-तफरी मच गई। पीड़ितों के गले की जंजीर और कान के बाले भी गिर गए।
मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने पहुंचकर स्थिति संभाली और घायलों को बचाया। एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। वायरल वीडियो में लोग एक व्यक्ति को सड़क पर गिराकर बेल्ट और डंडों से पीटते दिख रहे हैं।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव राजपूत, अजय धाकरे, वरिष्ठ भाजपा नेता अंशुल अशोक दुबे और मनोज राजपूत सहित सैकड़ों लोग पीड़ित के घर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाज ने चेतावनी दी कि कड़ी कार्रवाई न होने पर आंदोलन होगा।