इटावा। आगरा के बाद पड़ोसी जिले मैनपुरी में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिला अस्पताल में सोमवार से मरीजों की लाइन नहीं लगेगी। खांसी, जुकाम और बुखार मरीजों के पर्चे ओपीडी के बाहर ही बनाए जाएंगे। ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइन नहीं लगेगी, उन्हें एक-एक कर डॉक्टर के पास भेजा जाएगा।
सीएमओ डा. एनएस ने बताया कि जिला अस्पताल समेत सभी अस्पतालों में मरीजों की लाइन न लगे, इस पर ध्यान दिया जाएगा। जिला अस्पताल में खांसी, जुकाम और बुखार मरीजों के पर्चे बनाने के लिए हृदयरोग विभाग के बाहर अस्थायी काउंटर बनाया जाएगा। पर्चे बनाकर मरीज को एक-एक कर डॉक्टर के पास भेजा जाएगा। हृदयरोग विभाग में तीन फिजीशियन बैठते हैं। ये मरीज की जांच करेंगे। अगर किसी मरीज में कोरोना की आशंका हुई तो उसे तुरंत आईसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया जाएगा। अन्य डॉक्टरों के ओपीडी के बाहर भी लाइनें न लगें इसके लिए मरीजों के पर्चे पहले जमा करा लिए जाएंगे। मरीजों को एक-एक कर कर्मचारी डॉक्टर के पास बुलाएंगे।
विदेश से आने वालों के लिए अलग वार्ड
विदेश से आने वाले लोगों के लिए मत्स्य महाविद्यालय में दो-दो बेड के दो वार्ड बनाए गए हैं। इसमें डा. पीके गुप्ता व अजय शर्मा के अलावा दो नर्स की ड्यूटी लगाई गई है। सीएमएस डा. एसएस भदौरिया ने बताया कि कक्ष संख्या 106 और 106 में विदेश से आने वाले लोगों को भर्ती किया जाएगा। डॉक्टर व नर्स किट पहनकर कर विदेश से आने वाले की जांच करेंगे। अगर उसमें लक्षण मिलते हैं तो जिला अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जाएगा। आइसोलेशन वार्ड में पांच बेड की व्यवस्था है।
मास्क लगाकर ड्यूटी कर रहे डाक्टर और स्वास्थ्यकर्मी
जिला अस्पताल में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी मास्क लगाकर ड्यूटी कर रहे हैं। रविवार को लगाए गए स्वास्थ्य मेलों में भी सभी डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी मास्क लगाए रहे। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भी डा. पीयूष त्रिपाठी के अलावा समस्त चीफ फार्मासिस्ट व अन्य कर्मी मास्क लगाए हुए थे। चिकित्सीय स्टाफ लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक भी कर रहा है।