चकरनगर। तहसील क्षेत्र में सोमवार रात तक हुई बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। मानसून की सक्रियता से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने के बाद मंगलवार को खरीफ फसलों की बोआई और धान की रोपाई की तैयारियां शुरू हो गईं। बारिश से सिंचाई की आवश्यकता कम होने के साथ बेहतर पैदावार की उम्मीद भी बढ़ गई है।
सिरसा, कोला, मिटहटी, पिपरौली गढ़िया, बंसरी, सिंड़ौस, सहसों, नौगांव, गोहानी, खिरीटी, नगला पिलुआ, नगला मथुरी, कंधेशी घार, जगतोली, बरेछा, डिभोली, बिठौली और चौरेला सहित कई गांवों में किसान खेतों पर पहुंचकर बुवाई, जुताई और मेड़ों की मरम्मत में जुट गए हैं। जिन खेतों की मेड़ बारिश से कट गई थी, उन्हें भी दुरुस्त किया जा रहा है। ट्रैक्टरों से खेत तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। लखना, बकेवर और भरथना क्षेत्र में भी धान की रोपाई ने गति पकड़ ली है। वहीं मिर्च, लौकी, करेला समेत अन्य सब्जियों की खेती के लिए भी मौसम अनुकूल हो गया है। किसानों का कहना है कि पहले कम बारिश के कारण बाजरा बोने के बाद ट्यूबवेल से सिंचाई की आवश्यकता पड़ती, लेकिन अब पर्याप्त नमी मिलने से यह खर्च बचेगा।
सिरसा निवासी किसान कुलदीप यादव ने बताया कि समय पर हुई बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक है। अब बाजरे की बुबाई के बाद ट्यूवेल से सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी जिससे सिंचाई की लागत बचेगी।
टिटावली निवासी किसान बादशाह ने बताया कि यदि आने वाले दिनों में भी मौसम साथ देता रहा तो इस वर्ष फसल की पैदावार अच्छी रहने की पूरी उम्मीद है।