इटावा। प्रदेश सरकार ने पारंपरिक कारीगरों को स्वरोजगार के लिए सशक्त बनाने हेतु विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा ने बताया कि योजना का उद्देश्य कारीगरों की कार्यकुशलता बढ़ाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।
इस योजना में नाई, बढ़ई, दर्जी, लोहार, राजमिस्त्री और मोची जैसे पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों को शामिल किया गया है। उन्हें 10 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आने-जाने और अन्य खर्चों के लिए चार हजार रुपये का मानदेय मिलेगा। सफल प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों को आधुनिक औजार उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे वे अपने कार्य को बेहतर ढंग से संचालित कर सकेंगे और आय बढ़ा सकेंगे। इच्छुक अभ्यर्थी msme.up.gov.in पोर्टल पर निशुल्क ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन में समस्या होने पर जनसेवा केंद्र या जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, इटावा से संपर्क किया जा सकता है।
आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति और पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटो जरूरी है। इसके साथ ही ग्राम प्रधान, सभासद या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र भी देना होगा। इस प्रमाण-पत्र में संबंधित पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े होने का उल्लेख होना चाहिए। उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा ने सभी पात्र कारीगरों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है।