इटावा में रोड शो में शामिल सपा सरंक्षक मुलायम सिंह यादव
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इटावा। धरती पुत्र कहे जाने वाले मुलायम सिंह फिर गढ़ फतह करने जमीन पर उतर चुके हैं। पहलवानी में चरखा दांव के लिए मशहूर रहे मुलायम सिंह सियासत में भी अंतिम समय तक बाजी पलटने के महारथी रहे हैं। तीसरे चरण के मतदान से ठीक पहले मुलायम सिंह ने करहल में रैली और इटावा में रोड शो करके अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
तीसरे चरण का चुनावी रण सेंट्रल यूपी में होना है। इसमें इटावा, मैनपुरी, एटा, फर्रुखाबाद, कन्नौज सपा के गढ़ माने जाते रहे हैं। मुलायम सिंह इन जिलों की चुनावी रणनीति सैफई से ही बनाते रहे हैं। मुलायम सिंह की इन जिलों से जमीनी जुड़ाव रहा है। उन्हें धरती पुत्र की उपाधि भी यहां के लोगों से सीधे जुड़ाव की वजह से ही मिली। लंबे समय तक मुलायम सिंह का गढ़ रहे क्षेत्र में 2017 के चुनाव में मोदी लहर के चलते भगवा लहरा गया था। अब इस गढ़ में दोनों दलों भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही है।
मुलायम सिंह यादव बुधवार को एक साल बाद सैफई पहुंचे और इटावा के लिए कूच कर गए। इटावा में रोड शो में उन्होंने सपा की एकजुटता दिखाने का प्रयास किया। प्रसपा के अध्यक्ष और अपने छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव को भी साथ में लिया। मुलायम सिंह के इस प्रयास से सैफई परिवार में बहुत दिन बाद एकजुटता दिखाई दी। रोड में सपा के ब्राह्मण नेता हरिकिशोर तिवारी को भी शामिल किया।
वर्ष 2017 के चुनाव में सपा के गढ़ पर मोदी लहर में भगवा फहरा गया था। जिले की तीन सीटों में से सपा केवल जसवंत नगर सीट ही बचा सकी थी। यहां से खुद शिवपाल सिंह यादव चुनाव लड़ रहे थे। सदर और भरथना सीट पर भाजपा प्रत्याशी जीत गए थे। राजनीति के जानकारों का मानना है कि अपने गढ़ पर फिर से समाजवादी परचम लहराने और भगवा रंग फीका करने के प्रयास में धरती पुत्र जमीन पर उतरे हैं।