इटावा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पचनद परियोजना को हर हाल में पूरा करेंगे। परियोजना पूरी होने पर खेतों और घरों को पानी मिलेगा। पचनद पर्यटन केंद्र बनेगा। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह काम समाजवादी पार्टी भी कर सकती थी, लेकिन उनका विकास का एजेंडा नहीं था।
मंगलवार को रामलीला मैदान में सभा में मुख्यमंत्री ने कहा इटावा को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ रहे हैं। इससे इटावा से चित्रकूट दो घंटे में पहुंचा जा सकेगा। डिफेंस कॉरिडोर का फायदा भी इटावा को मिलेगा। समाजवादी परिवार ने यहां के युवाओं को तमंचा पकड़ा दिया था, लेकिन अब यहां के युवा डिफेंस कॉरिडोर में बनने वाली तोप पर चढ़कर सीमाओं की सुरक्षा करेंगे। भाजपा की डबल इंजन की सरकारें इटावा का पुराना गौरव लौटाने के लिए काम कर रही हैं। कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाकर समाजवादी पार्टी के मुखिया का नाम लिए बगैर कहा कि पांच साल पहले जिले का क्या हाल था, सब जानते हैं। यहां गुंडा राज था। बहन व बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। वे जिस जमीन की तरफ इशारा कर देते थे, वही जमीन उनकी हो जाती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग यहां की तीन सीटें जितवा दें तो हम 325 जीत लेंगे। मुख्यमंत्री ने सैफई परिवार पर तंज कसते हुए कहा कि कोरोना काल में आप लोग मुसीबत में थे तो हम दो बार इटावा आए। तब ये चाचा-भतीजे आपके हालचाल पूछने नहीं आए। इसलिए इनसे कोई उम्मीद मत करना।
मुख्यमंत्री ने जनता से पूछा कि क्या अब कोई गुंडा बहू-बेटियों की तरफ आंख उठाने की हिम्मत कर सकता है।
जो लोग कोरोना के संकट काल में भी वैक्सीन को मोदी और भाजपा की वैक्सीन बता रहे थे, वे चाचा-भतीजे कहीं दिखाई दिए। मोदी और भाजपा की वैक्सीन ने राहत दी है। इसलिए अब वोट भी भाजपा और मोदी को ही मिलेगा। पूछा कि सैफई परिवार के राज में क्या राशन आप लोगों को मिलता था, खुद ही जवाब दिया नहीं मिलता था। ये पूरे प्रदेश का राशन खा जाते थे। फिर भी इनका पेट नहीं भरता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सपा की सरकार बनी थी तो सबसे पहले आतंकियों के मुकदमे वापस लेने का काम किया था। हमारी सरकार बनी तो हमने सबसे पहले किसानों का कर्ज माफ किया था। कांवड़ यात्रा का जिक्र करते हुए कहा 2017 से पहले बमबाजी होती थी, अब बम-बम होता है। मुख्यमंत्री ने बताया जनपद में 11 हजार से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास मिला,11 लाख से अधिक लोगों को महीने में दो बार फ्री में राशन मिल रहा है। जिले में 11 हजार से अधिक दिव्यांग, वृद्ध 12 हजार सालाना पेंशन का लाभ उठा रहे हैं।