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कृषि कानूनों के विरोध में सपाइयों ने भरी हुंकार, पुलिस हुई लाचार

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प्रदर्शन करते सपाइयों को रोकती पुलिस। - फोटो : ETAWHA
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इटावा। किसान कानून को वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार को सपाइयों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सिविल लाइन स्थित पार्टी कार्यालय से जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव और जिलाध्यक्ष गोपाल यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का हुजूूम पुलिस की घेराबंदी तोड़कर कचहरी की ओर बढ़ा। फील्ड हास्टल के सामने पुलिस ने सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। सपाइयों की संख्या के आगे पुलिस के वाहन कम पड़ गए। इसके बाद पुलिस के साथ धक्का मुक्की कर कई कार्यकर्ता कचहरी गेट तक जा पहुंचे। कचहरी जाने वाले गेट पहले से बंद थे। कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां शाम उनको रिहा कर दिया गया।
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पुलिस की घेराबंदी से बचकर कई नेता पहुंचे कार्यालय
दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में सुबह 11 बजते बजते सैकड़ों कार्यकर्ता सपा कार्यालय पहुंच चुके थे। जिलाध्यक्ष गोपाल यादव पुलिस की घेराबंदी से बच निकलते हुए कार्यकर्ताओं संग कार्यालय पहुंचे। इसके बाद जिला पंचयत अध्यक्ष अंशुल यादव भी पुलिस को चकमा देकर कार्यकर्ताओं संग पहुंच गए। इसी बीच कार्तिकेय यादव, पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, पूर्व चेयरमैन कुलदीप गुप्ता संटू, आशीष राजपूत, चेयरमैन फुरकान अहमद, पूर्व जिला अध्यक्ष राजीव यादव, आदित्य गोविंद यादव, शिवमपाल, सचिन यादव, अमित सोनी, भूपेंद्र दिवाकर, आशीष यादव, असित यादव, राजवीर राजपूत, डा आशीष दीक्षित, शहर अध्यक्ष वसीम चौधरी, सफी अहमद बालक, अन्नू दीक्षित, कुलवीर सिंह भदौरिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कार्यालय पहुंच गए।
बसपा से सपा में आए नेताओं में भी दिखी गर्मजोशी
अभी हाल ही में बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए नेताओं ने भी आंदोलन में गर्मजोशी दिखाई। पूर्व जिलाध्यक्ष रहे जितेंद्र दोहरे, राघवेंद्र गौतम, लाखन सिंह, रामगोपाल चौधरी समर्थकों के साथ आंदोलन में शामिल हुए। कांग्रेस से सपा में आए अश्वनी कुमार दुबे भी इस आंदोलन में शरीक हुए।
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महिला कार्यकर्ताओं ने पुलिस को छकाया
प्रदर्शन कर रही महिला कार्यकर्ताओं ने पुलिस को काफी देर तक परेशान किया। महिला नेता लीलावती राजपूत, सुमन यादव, मीना, सरिता यादव आदि ने नारेबाजी करते हुए कचहरी की ओर कूच किया। महिला पुलिस ने उनका रास्ता रोका। दोनों तरफ से काफी देर तक धक्का मुक्की होती रही। महिलाओं को पुलिस ने आगे नहीं बढ़ने दिया। इस बीच महिलाएं सड़क पर ही धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगीं।
सीओ, एसडीएम के समझाने पर भी नहीं माने
सपा नेता आशीष राजपूत को एसडीएम सदर सिद्धार्थ और सीओ काफी देर तक समझाते रहे। पुलिस प्रशासन की मंशा यह थी कि सपा नेता पार्टी कार्यालय पर ही ज्ञापन दे दें। कचहरी न जाएं। परंतु आशीष राजपूत ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी हाईकमान का निर्देश है कार्यकर्ता जुलूस निकालते हुए कचहरी तक जाएंगे। इसके बाद दोनों अधिकारी जिलाध्यक्ष गोपाल यादव से बात करने पहुंचे। परंतु बात नहीं बनी।
कचहरी गेट पर की नारेबाजी
सपा कार्यकर्ता पुलिस की घेराबंदी तोड़कर सपा कार्यालय से आगे बढ़ने लगे। आंबेडकर चौराहे से पहले पुलिस ने पूरा रास्ता सील कर रखा था। फील्ड हास्टल के आगे बढ़ते ही पुलिस ने सपा नेताओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। अंशुल यादव, गोपाल यादव, वसीम चौधरी, कुलदीप गुप्ता संटू सहित कई सपाइयों को गिरफ्तार कर पुलिस वाहन में बैठा लिया गया। इसके बाद भी कई कार्यकर्ता कचहरी तक जा पहुंचे। गेट बंद होने के कारण पुलिस ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इस पर कार्यकर्ताओं ने गेट पर ही धरना देते हुए नारेबाजी की।
ज्ञापन लेने के बाद किए गए रिहा
पुलिस लाइन में शाम पांच बजे हिरासत में लिए गए सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट उमेश मिश्रा और एसडीएम सदर सिद्घार्थ ने सपा नेताओं से ज्ञापन लिया। ज्ञापन में कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की गई।
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