इटावा। सैफई थाना क्षेत्र के उसरई गांव के लोगों ने एक दरोगा पर पिटाई करने का आरोप लगाते हुए शनिवार की रात एसएसपी आवास पर पहुंचकर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि , सीओ सिटी ने ग्रामीणों को कार्रवाई का भरोसा देकर समझा बुझाकर लौटा दिया। एसएसपी ने सीओ सैफई को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार रात करीब 9 बजे उसरई गांव के कई लोग ट्रैक्टर में बैठकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आवास पर पहुंचे और गेट पर खड़े होकर पुलिस उत्पीड़न पर नाराजगी जताने लगे। ग्रामीणों के जमावड़े की खबर मिलते ही सीओ सिटी चंद्रपाल सिंह व क्यूआरटी पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। यहां मौजूद उसरई गांव के बृज किशोर व सुभाष यादव आदि ग्रामीणों ने सैफई थाना में तैनात दरोगा पर एक ट्रैक्टर चालक ग्रामीण युवक बबलू के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि किसी दूसरे खेत में पराली जल रही थी। थाना क्षेत्र के कुम्हावर पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा ने बबलू के साथ मारपीट कर दी। सीओ सिटी ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत करा दिया। जिसके बाद लोग लौट गए।
इस संबंध में सैफई थाना प्रभारी इंस्पेक्टर चंद्रदेव सिंह ने बताया कि पराली जलाने की कार्रवाई से बचने के लिए ग्रामीण पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। किसी ग्रामीण से कोई मारपीट नहीं हुई, जिस बबलू नाम के युवक को पीटे जाने की बात कही जा रही, वह सही सलामत है।
सीओ सिटी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि मामला सैफई थाना क्षेत्र का था। ग्रामीणों से सीओ सैफई व एसडीएम से समस्या रखने को कहा गया है। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ सैफई को दी है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पराली जलाना गैरकानूनी है। पुलिस ने पराली जलाने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही थी। ग्रामीण नहीं चाहते थे कि कोई कार्रवाई हो।