इकदिल (इटावा)। आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे ग्राम पिलखर के पास लिक्वड यूरिया बनाने वाली तीन फैक्टरी पुलिस ने पकड़ी हैं। फैक्टरी दो लोग संचालित कर रहे थे। टाटा मोटर्स के अधिकारी की सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने तीनों फैक्टरी सील कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक तीनों स्थानों पर लगभग 50 लाख का माल बरामद किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर कार्रवाई की है।
टाटा मोटर्स के अधिकारी टीएन झा ने बताया कि यह नकली यूरिया नहीं बल्कि सफेद जहर है। बीएस-6 तकनीक वाले इंजनों में यदि यह मिलावटी घोल डाला जाए तो इंजन के कीमती सेंसर और पंप कुछ ही किलोमीटर में कबाड़ बन जाते हैं। ट्रक ड्राइवरों को चंद रुपयों के लालच में फंसाकर यह गिरोह करोड़ों की गाड़ियों को बर्बाद कर रहा था।
शातिर संचालक संदिग्ध केमिकल और घटिया घोल को ब्रांडेड कंपनियों की बाल्टियों में भरते थे। मौके से बड़ी संख्या में नकली स्टिकर, ढक्कन और बाल्टियों को सील करने वाली मशीनें बरामद हुईं। आरोपी असली कंपनी का लेबल लगाकर इसे धड़ल्ले से बाजार में खपा रहे थे।
टीम की ओर से बबलू जेनुइन यूरिया पंप और अंकित यूरिया पंप के तीन ठिकानों पर कार्रवाई की गई है। थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कॉपीराइट उल्लंघन और मिलावटखोरी की संगीन धाराओं में अंकित और बबलू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस फैक्ट्री से नकली यूरिया की आपूर्ति किन-किन शहरों में की जा रही थी।