बलरई थाना क्षेत्र के ग्राम बाउथ में गुरुवार दोपहर अपहरण के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस पर गांव वालों ने हमला बोल दिया। गांव वालों ने पुलिस की गिरफ्त से आरोपी को छुड़ा लिया।
आक्रोश बढ़ता देख पुलिस को अपने कदम वापस खींचने पड़े। पुलिस बगैर मुल्जिम के ही थाने लौट आई। उधर गांव की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बा कारण उनके घर में घुसकर उनके साथ अभद्रता की। महिलाओं ने भाजपा नेता मनीष यादव पतरे के साथ कचहरी आकर एसएसपी मंजिल सैनी से गुरुवार दोपहर को इसकी शिकायत की।
एसएसपी ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है। उधर पुलिस ने अपहरण के आरोपी को छुड़ाने के मामले में ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। गुरुवार दोपहर बाउथ गांव की आरती, मुन्नी देवी, राजेंद्री देवी, क्षमा देवी,पप्पी देवी आदि ने एसएसपी के समक्ष अपनी फरियाद की।
उनके साथ आये भाजपा नेता मनीष यादव पतरे, बादशाह राजपूत, विकास भदौरिया ने बताया कि बलरई पुलिस गांव की राजेंद्री देवी के घर में घुसी। पुलिस उनके घर में मौजूद महिलाओं से अभद्रता करने लगी। इस पर आसपास के घरों से भी महिलाएं निकल पड़ी। महिलाओं ने पुलिस से घर में घुसने का कारण पूछा।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को धमकाया, अभद्रता की और मुकदमा लगाकर जेल भेजने की धमकी दी। भाजपा नेताओं ने एसएसपी से मामले की जांच कर महिलाओं के साथ न्याय करने की मांग की। उधर इस मामले में एसओ अनूप निगम ने बताया कि नगला विशुन की मायादेवी का पुत्र हरीशंकर अगस्त 2015 से गायब है।
मायादेवी ने अपने पुत्र के अपहरण का आरोप लगाते हुये बाउथ निवासी कप्तान सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसी मामले की विवेचना के दौरान थाने के दरोगा सुधाकर सिंह बाउथ गये थे। वहां उन्होंने कप्तान सिंह के घर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया। घर में मौजूदा महिलाओं के चिल्लाने पर आसपास के लोग वहां इकट्ठा हो गए।
गांव वालों ने पुलिस से कप्तान को छुड़ाकर फरार करने में मदद की। कप्तान सिंह फरार हो गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने किसी महिला के साथ अभद्रता नहीं की है। इस मामले में फरार आरोपी कप्तान सिंह, राजेंद्री देवी, पुष्पा देवी, रामकुमार, सोनू, रामचंद्र, रामबाबू और अनिल सहित 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ आरोपी को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाकर सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस पर हमला करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।