आमजन समस्याओं से परेशान हैं। यह छह माह बाद सदर तहसील में आयोजित पहले संपूर्ण समाधान दिवस में देखने को मिला।
कुल 75 फरियादी आए, लेकिन नवागत डीएम व सभी विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में किसी एक समस्या का निस्तारण नहीं हो सका।
आखिरी बार 17 मार्च को संपूर्ण समस्या समस्या समाधान दिवस आयोजित हुआ था, तब 56 शिकायतें आईं थीं।
इस संपूर्ण समाधान दिवस में 75 शिकायतें आना यही दर्शाती हैं कि लोग कोरोना काल में भी कोरोना के अलावा अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
चितभवन गांव से आए 78 वर्षीय महावीर प्रसाद पाल ने बताया कि एक दबंग ने उसके घर के सामने अवैध रूप से बोरिंग करवाकर सबमर्सिबल लगाकर अतिक्रमण कर लिया है।
इससे निकलने में परेशानी हो रही है। 25 अगस्त को थाना इकदिल में, एक सितंबर को एसडीएम सदर को शिकायती पत्र देने के बाद सात सितंबर को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराया।
इसके बाद भी बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो सकी। बताया दो बार इकदिल पुलिस ने आरोपी व्यक्ति से सबमर्सिबल व अवरोध हटाने को कहा, लेकिन फिर भी नहीं हटाया गया। शिकायत करने के बाद आरोपी और उसके घर वाले गली गलौज कर धमकियां दी रहे हैं।
नवलपुरा चौपुला गांव से आए सर्वेश व मलखान सिंह ने बताया गांव में नौ माह पहले बनी नाली को चार दबंगों ने एक माह से रोक दिया है। घर की 55 फीट लंबी बंद नाली खोलने नहीं दे रहे हैं।
इस वजह से घर का पानी नहीं निकल पा रहा है। बताया समस्या के निदान के लिए 28 अगस्त को थाना चौबिया को प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद एसडीएम सदर को रजिस्ट्री भेजी। तीन सितंबर को मिलकर शिकायती पत्र दिया।
सात सितंबर को फिर से एसडीएम सदर व डीपीआरओ को रजिस्ट्री भेजी। मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर भी समस्या दर्ज कराने के बाद कोई सुनवाई नहीं हुई। तहसील दिवस में डीएम के आने पर प्रार्थना पत्र दिया है।
बसरेहर से आए सुरेश ने बताया परिवार के लोगों ने ही उसके तीन बीघा खेत पर कब्जा कर लिया है। बताया करीब पांच साल पूर्व उसके बड़े भाई की हत्या कर दी गई थी।
छह भाइयों के बीच 12 बीघा जमीन है, लेकिन तीन बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया है। थाना बसरेहर से शिकायत करने पर कहा कि खेती आधी- आधी कर लो।
अभी आधे पर दबंग खेती कर रहे हैं, जबकि आधी बंजर पड़ी है। सुनवाई न होने पर डीएम को प्रार्थना पत्र देने आएं हैं।
चांदनपुर कोठी गांव से आए अंबरीष कुमार भी जमीन पर कब्जा से परेशान हैं। बताया 2014 से बराबर दौड़ भाग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं ही रही है।
उसकी एक बीघा जमीन पर कब्जा दबंगों ने कर लिया गया है। आरोप लगाया कि लेखपाल पैमाइश के लिए जाते हैं तो उसकी कोई बात नहीं सुनते। बताया एक बार तो उसे ही बंद करवा दिया था।