इटावा। डीएम श्रुति सिंह सोमवार को बसरेहर विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत चौबिया में किसानों को पराली न जलाने को लेकर जागरूक किया। किसानों को इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया। वहीं, पराली को नष्ट करने व उसके प्रयोग के तरीके के बारे में बताया।
डीएम ने बताया कि पराली को खाद के रूप में बदलने के लिए डीकंपोजर नाम की दवा का छिड़काव किया जाता है। इससे खेतों की उर्वरा क्षमता भी बढ़ती है और खेतों की मिट्टी भी अच्छी हो जाती है।
वहीं, जो किसान सुरक्षा से इस पराली को गोशाला के लिए दान में देना चाहे, तो उसके खेत में पड़े हुए पयार को उठाने के लिए मनरेगा के तहत श्रमिक लगाकर उसको उठाकर गोशाला तक पहुंचाया जाएगा। इससे खेतों में पराली भी नहीं जलेगी। साथ ही गोशाला में पल रहे गोवंशों का भी पेट भी भरेगा।
कार्यक्रम के दौरान कई किसानों ने अपने खेतों में पड़े पयार को ट्रॉली में भरकर गोशाला के लिए निशुल्क दान किया। सबसे पहले सुदीक्षा व सुरेंद्र सिंह ने एक-एक ट्रैक्टर पराली गोशाला के लिए दी। डीएम ने इन ट्रॉलियों को हरी झंडी दिखाकर गोशाला के लिए रवाना किया।
इस मौके पर कृषि विभाग के अधिकारी अरविंद सिंह यादव, पूर्व प्रधान अशोक यादव, विनोद कुमार, राकेश यादव, दलवीर सिंह, बाजीलाल, सर्वेश कुमार, रामविलास, मान सिंह, रोजगार सेवक गजेंद्र सिंह, शिव प्रसाद यादव, सचिव आशीष यादव समेत तमाम लोग मौजूद रहे।