जैसे-जैसे पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे प्रशासन की तैयारियां गति पकड़ रही है। पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए पुलिस मित्र प्रशासन के लिए सूचना तंत्र का कार्य करेंगे। इन पुलिस मित्रों की तलाश गांव-गांव में की जा रही है। स्वयं पुलिस विभाग इन पुलिस मित्रों का चयन कर रहा है।
गांव-गांव में नियुक्त होने वाले पुलिस मित्र वहां होने वाली हर घटना, गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देंगे। ताकि समय रहते माहौल को बिगड़ने से बचाया जा सके। पंचायत चुनाव की आड़ में लोग अपनी आपसी रंजिश निकलाते हैं, ऐसे में गांव स्तर पर पुलिस और प्रशासन अपना सूचना तंत्र मजबूत करने की कवायद में जुट गया है।
इस बार आयोग ने चुनाव पर निगरानी के लिए पुलिस मित्र नियुक्ति करने के निर्देश दिए है। ये पुलिस मित्र पुलिस विभाग के लिए महत्वपूर्ण सूचना तंत्र बनकर उभरेंगे। मिली जानकारी के मुताबिक यह पुलिस मित्र गांव में होने वाली घटनाओं, गतिविधियों और चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों की रणनीतों की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को देते रहेंगे।
सूचना मिलने पर पुलिस अपनी कार्यवाही को त्वरित गति से अंजाम दे सकेगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में पुलिस मित्र नियुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एक ग्राम पंचायत में कम से कम दस और अधिक से अधिक 15 पुलिस मित्र बनाए जा रहे है।