फोटो 06 :: राज्य कर कार्यालय में व्यापारियों के साथ बैठक करते अधिकारी। स्रोत-स्वयं
इटावा। राज्यकर भवन स्थित अटल सभागार में व्यापार बंधु की बैठक बुधवार को हुई। इसमें प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने जीएसटी विभाग की ओर से ई-तामील दिखाकर एकतरफा निर्णय लिए जाने का विरोध किया है। प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं शहर अध्यक्ष ओम रतन कश्यप ने कहा कि विभाग किसी भी निर्णय से पहले व्यापारियों को पंजीकृत डाक द्वारा सूचना अवश्य दे। उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग से सक्रियता बरतने की अपील की।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला अध्यक्ष संतोष सिंह चौहान ने जीएसटी विभाग से भी अपने विभाग संबंधी जानकारी के प्रति लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आसानी होगी और वे विभागीय प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।
महिला जिला अध्यक्ष सुनीता कुशवाहा ने चिंता व्यक्त की कि व्यापार करते समय कई व्यापारियों की मृत्यु हो जाती है लेकिन उनके परिजन सरकार द्वारा दी जा रही बीमा योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। उन्होंने विभाग से आग्रह किया कि प्रत्येक व्यापारी को इन योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनके परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके।
जिला उपाध्यक्ष राजीव कुमार पाल ने कहा कि उन्होंने समय पर अपना जीएसटी जमा किया है। इसके बावजूद, वर्ष 2022 में जिस व्यापारी से उन्होंने माल खरीदा था उसने जीएसटी जमा नहीं किया। इस कारण उन्हें तीन साल बाद ब्याज सहित शुल्क जमा करना पड़ा जो न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने विभाग से ऐसे दोषी व्यापारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की ताकि ईमानदार व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
अपर आयुक्त ग्रेड वन राज्य कर, इटावा, एचपी राव दीक्षित ने व्यापारियों को सलाह दी कि वे सदैव अपना ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर जीएसटी पोर्टल से जोड़कर रखें। इससे विभाग उन्हें समय-समय पर मिलने वाली सुविधाओं और महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत करा सकेगा। बैठक में डिप्टी कमिश्नर अरुण सिंह, जॉइंट कमिश्नर बृजेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी और पदाधिकारी उपस्थित रहे।