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अमृत टू मिशन से सुधरेगा सभी निकाय क्षेतें में पेयजल संकट

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इटावा। नगर इटावा की तर्ज पर नगरीय निकाय क्षेत्रों में भी अमृत टू मिशन के तहत पीने के पानी की समस्या दूर होगी। जलनिगम (नगरीय क्षेत्र) नगर पंचायत इकदिल, लखना, बकेवर, भरथना और जसवंतनगर में घरों तक पानी मुहैया कराएगा। योजना पर काम शुरू हो गया है। 31 दिसंबर से पहले जलनिगम के पोर्टल पर पंचायतों को कार्य योजना से जुड़े आंकड़े फीड करना है। इसके बाद एस्टीमेट शासन को भेजा जाएगा। पूरा मिशन ऑनलाइन वर्क करेगा।
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करीब डेढ़ साल पहले अमृत फर्स्ट मिशन के तहत नगरीय क्षेत्र इटावा में 9280 वाटर कनेक्शन देने के साथ दो नए और छह ट्यूबवेल रिबोर हुए थे। मिशन के तहत नगर इटावा को अमृत शहरों की सूची से जोड़ा गया था। लिहाजा फर्स्ट मिशन में सिर्फ नगरीय क्षेत्र इटावा में पेय जलापूर्ति के कार्य हुए थे।
अब अमृत टू मिशन के तहत जिले के शेष पांच अन्य निकाय क्षेत्र इकदिल, लखना, बकेवर, भरथना और जसवंतनगर को भी शामिल कर लिया गया है। निकायों में ऐसे कई नवविकसित क्षेत्र हैं जहां पीने के पानी है। फिलहाल शासन के निर्देश पर जलनिगम (नगरीय क्षेत्र) ने आंकड़े जुटाने शुरू कर दिए हैं। इसकी जानकारी जलनिगम के पोर्टल पर फीड की जा रही है।
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कहां टंकियां (ओवर हैड टैंक) बननी हैं और कितने ट्यूबवेल की जरूरत है। पेयजल सप्लाई लाइन की स्थिति क्या है। नगर पंचायतों को यह समस्त विवरण ऑनलाइन देना है। सभी आंकड़े 31 दिसंबर से पहले फीड होने हैं। शासन ने इस मिशन टू को लेकर गाइड लाइन जारी कर दी है। पंचायतों से जो आंकड़े प्राप्त होंगे। जलनिगम के स्तर पर उसकी प्लानिंग करके एस्टीमेट तैयार किया जाएगा।
वर्जन
अमृत टू मिशन की अभी शुरुआत हुई है। सभी प्रकार के तथ्य पोर्टल पर फीड किए जा रहे हैं। इसके बाद एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। 31 दिसंबर से पहले आंकड़े फीड हो जाएंगे। इसके बाद आगे की प्रक्रिया लागू होगी। आरके यादव, अधिशाषी अभियंताजलनिगम (नगरीय क्षेत्र) इटावा/औरैया
मौजूदा समय में भरथना निकाय क्षेत्र के मंडी रोड, नगला पूठ, नगला राजा, नगला डुढ़हा, नगला डढ़ू आदि में अभी पानी की टंकी, ट्यूबवेल व पेयजल सप्लाई लाइन नहीं है। लखना नगर पंचायत क्षेत्र में कालिका मुहाल व खेड़ा मुहाल की नई बस्तियों में पाइप लाइन पड़नी है। क्षेत्र में सिर्फ एक पानी की टंकी है। तीन टंकियों की दरकार है। जलनिगम इसका प्रस्ताव भी भेज चुका है। इनमें एक टंकी बेरीखेड़ा रोड पर बनना प्रस्तावित है। बकेवर क्षेत्र में ऊंचा टोला सुभाष नगर में मेनलाइन आनी बाकी है। लिहाजा ऊंचा टोला में पेयजल संकट है। इसके अलावा नगर पंचायत के पीछे बसी नई बस्ती और आसपास क्षेत्र में हो रही प्लाटिंग से निकाय क्षेत्र में विस्तार हुआ है। जहां पीने का पानी मुहैया कराया जाना है।
योजना का इटावा की नव विकसित कालोनियों को भी फायदा मिलेगा। शहर में तो पहले ही करीब 123 करोड़ रुपये खर्च करके पेयजल व्यवस्था की गई है। शहर को जोन में बांटकर पानी की टंकियां और ट्यूबवेल लगाए गए हैं। इसके बावजूद शहरी क्षेत्र में लगातार बढ़ोतरी हो रही। पूर्व की ओर पक्काबाग से आगे, पश्चिम में कचौरा रोड, दक्षिण में ग्वालियर बाईपास और उत्तर में सैफई मार्ग व नई मंडी आगे प्लाटिंग हो रही है। नई कालोनियां डेवलप हुई हैं। जहां अभी पेयजल सप्लाई लाइन नहीं बिछी है।
ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों के लिए जलनिगम के अलग अलग विभाग संचालित हैं। जिले में जलनिगम अष्टम शाखा के पास इटावा व औरैया के नगरीय क्षेत्र का दायित्व है। नगरीय क्षेत्र में सभी छह निकाय क्षेत्र शामिल हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था औरैया जलनिगम शाखा देख रही है। जल्द ही जिले में जलनिगम (ग्रामीण क्षेत्र) का आफिस खोले जाने की संभावना है। जलनिगम नगरीय क्षेत्र विभाग नगर विकास और ग्रामीण क्षेत्र विभाग नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति मंत्रालय के अधीन है।
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