ओलावृष्टि और बारिश से बची फसल पर अब आग का खतरा मंडरा रहा है। खेतों के ऊपर झूलते बिजली के तार आग लगने का सबसे बड़ा कारण हैं। बात बीते वर्षों की करें तो आग से हजारों बीघा फसल स्वाहा होती आई है। गर्मी की दस्तक के साथ ही अग्निशमन विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी है कि किसान भी कुछ एहतियात बरते।
इससे आग लगने की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। भरथना क्षेत्र के गांव नगला भूपे में बुधवार को बिजली का तार टूटकर गिरने से दस बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। तेज हवाओं के चलने से बिजली के ढीले तार आपस में टकराते हैं और तारों से गिरने वाली चिंगारी से खेतों में सूखी फसल आग पकड़ लेती है।
किसान यह बरतें सावधानी
किसान फसल के ढेर टुकड़ों में लगाएं। एक ढेर में अगर आग लगती है तो पूरी फसल जलकर राख नहीं होगी।
गट्ठर के पास किसान पानी भरकर रखें, क्योंकि पानी होने से आग लगते ही तुरंत काबू पाया जा सकता है।
गट्ठर को बिजली के तारों के नीचे और ट्रांसफार्मर के पास न लगाएं।
फसल का ढेर सड़क किनारे और रेलवे लाइन के किनारे न लगाए। राह चलते लोग जलती बीड़ी-सिगरेट फेंक देते हैं जिससे आग का खतरा रहता है।
किसी भी दशा में किसान अपने फसल के ढेर को अकेला न छोड़ें।
फायर अफसर ने लिखे पत्र
गर्मी के मौसम की शुरुआत होते ही आग का खतरा बढ़ने लगा है। ऐसे में मुख्य अग्निशमन अधिकारी शिवदयाल शर्मा की ओर से सभी एसडीएम और क्षेत्राधिकारियों को पत्र भेजकर कुछ सुझाव दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग से झूलते हुए तारों की गार्डिंग करवा दी जाए। इसके साथ ही सूखे पड़े तालाबों को सरकारी और प्राइवेट नलकूप का सहयोग लेकर भरवा दिया जाए। उन्होंने मना है कि अग्निकांड की अधिकतर घटनाएं बिजली के ढीले तारों की वजह से होती हैं।
14 से चलेगा जागरूकता अभियान
इटावा। अग्निशमन विभाग जिले भर में 14 से 20 अप्रैल तक जागरूकता अभियान चलाएगा। अभियान में रैली निकाली जाएगी तो वहीं विद्यालयों में प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। गांव और व्यापारियों के साथ गोष्ठी भी की जाएगी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी शिवदयाल शर्मा ने बताया कि सुरक्षित जीवन शैली एवं प्रमाणित विद्युत उपकरण अपनाएं। इस थीम पर 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक जागरूकता सप्ताह मनाया जाएगा।
14 अप्रैल को पुलिस लाइन में परेड होगी। 15 अप्रैल को शहर में जागरूकता रैली निकाली जाएगी। 16 अप्रैल को मुख्यालय व तहसील स्तर के प्रमुख विद्यालयों में निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। 17 से 19 अप्रैल तक बहुमंजिला भवनों में जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
अग्निशमन यंत्र रखने की सलाह दी जाएगी। इसके साथ ही दुकानदारों व व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ वार्ता की जाएगी। इसके साथ ही 20 अप्रैल को प्रमुख गांवों में गोष्ठियां का आयोजन करके ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।