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जिला अस्पताल की अब बदलेगी सूरत

Thu, 26 Nov 2015 11:06 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, इटावा
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शासन नेे जिला अस्पताल को एनएबीएस (नेेशनल एक्रोडेशन बोर्ड फार हास्पिटल) की ग्रेडिंग में लाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए जिला अस्पताल में पेरा मेडिकल के 50 कर्मचारियों की तैनाती अस्पताल में कर दी है, इनमें से 22 नर्सों के साथ दो ओटी टेक्नीशियन व दो एक्सरे टेक्नीशियन ने कामकाज संभाल लिया है।
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कर्मचारियों की तैनाती शासन ने मुंबई की एक प्राईवेट कंपनी के माध्यम से कराई है। साथ ही अस्पताल में डाक्टरों की तैनाती के लिए कंपनी को लिखा गया है। अहम बात यह है कि इस लंबे चौड़े मैनेजमेंट को देखने के लिए अस्पताल में मैनेजर की तैनाती अगले माह मे कर दी जाएगी।


प्रदेश सरकार ने जिला अस्पताल की दीन दशा को सुधारने को नई रणनीति तैयार की है। नई योजना के तहत अब जिला अस्पताल में पदों और रिक्तयों के पुराने आधार को सामाप्त कर दिया गया और अस्पताल की जरूरतों के आधार पर पदों को बढ़ाया और घटाया गया है।
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शासन ने अब नए कर्मचारियों और डाक्टरों की तैनाती की जिम्मेदारी मुंबई की टी एंड एम सर्विस कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटिड कंपनी को सौंपी है। पहले चरण में स्टाफ नर्स, टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाय की अस्पताल में तैनाती हुई है। तत्पश्चात डाक्टरों सहित अन्य कर्मचारियों को मांग के अनुसार अस्पताल में तैनात किया जाएगा।



एनएबीएच का ग्रेड दिलाने के लिए अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई परिर्वतन किए जा रहे हैं। इनमें से कई लागू कर दिए हैं, जिससे जिला अस्पताल बदला -बदला दिखाई देने लगा है।


अगले माह होगी मैनेजर की तैनाती- इटावा। जिला अस्पताल में बढ़ते स्टाफ और व्यवस्थाओं पर नजर रखने का भार अब सीएमएस के कंधों पर नहीं होगा।


अब मैनेजमेंट को देखने के लिए अस्पताल में अगले माह मैनेजर की तैनाती कर दी जाएगी, जो अस्पताल की साफ सफाई से लेकर कर्मचारियों के कार्य, बिजली, पानी, एंबुलेंस आदि की व्यवस्था पर नजर रखेगा। वहीं सीएमएस अन्य प्रशासनिक व चिकित्सीय व्यवस्थाओं को और बेहतर तरीके से देख सकेंगे।



रिकार्ड क्लर्क, प्लंबर, कुक और टेक्नीशिययन होंगे तैनात- इटावा। शासन की नई नीति के तहत अस्पताल में 22 स्टाफ नर्स, एक डाईटीशियन, दो ओटी टेक्नीशियन, दो एक्सरे टेक्नीशियन के साथ 13 वार्ड ब्वाय की तैनाती चुकी है।


इसके अलावा अस्पताल की व्यवस्थाओं को चौकस करने को मांग के अनुसार नए पदों पर प्लंबर, कुक और मेडिकल रिकार्ड क्लर्क की तैनाती की जाएगी। वहीं आपरेशन से जुड़ी वस्तुओं को स्ट्रलाइज करने के लिए एक स्ट्रलाइज टेकनीशियन की होगी।



जनवरी से सुबह से शाम तक खून की जांच- इटावा। जिला अस्पताल में अन्य व्यवस्थाओं के साथ जो एक सबसे महत्वपूर्ण बदलाव किया जा रहा है, वह पैथोलाजी की टाइमिंग है।



सीएमएस डॉ. एके पालीवाल के अनुसार जनवरी से सुबह से शाम पांच बजे तक पैथोलाजी खोली जाएगी, जिसमें मरीज किसी भी समय यहां खून की जांच करा सकेंगे। इसके लिए लैब टेक्नीशियनों की दो शिफ्ट में डयूटी लगाई जाएगी। दूरदराज से आए मरीजों को अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पडे़ंगे। उसी दिन खून जांच की रिपोर्ट मिल जाएंगी।


शासन के निर्देशों पर काम शुरू: सीएमएस- इटावा। सीएमएस डा. एके पालीवाल का कहना है कि स्टाफ नर्सों के ज्वाइन करने के बाद उन्हें ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया है और जल्द ही अन्य कर्मचारी के भी आने की सूचना है।
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अस्पताल परिसर में साफ सफाई पर भी विशेष कार्य शुरू कर दिया गया है। इसी सप्ताह अस्पताल में शासन का नई नीति का प्रभाव दिखाई देने लगेगा।
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