सांसद का पत्र फाड़ने के कारण विवाद में घिरे सिविल लाइन थाने के निलंबित थानेदार की कुर्सी फिलहाल आयोग के आदेश के कारण बचती दिख रही है।
पंचायत चुनाव के कारण आयोग की अनुमति के बिना तबादलों पर रोक है। इससे सिविल लाइन थानेदार को अभी हटाया नहीं गया है।
एसएसपी डॉ.बृजेश कुमार सिंह थानेदार को लाइन हाजिर कर निर्वाचन आयोग से अनुमति मांगी गई है, अनुमति मिलते ही उन्हें रिलीव कर दिया जाएगा।
ठेकेदार प्रमोद कुमार बुधवार को सांसद के सिफारिशी पत्र के साथ सभासद सचिव वर्मा के खिलाफ तहरीर लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचे थे।
आरोप है कि थाना प्रभारी रमेश सिंह ने सांसद का पत्र फाड़ दिया था। प्रमोद को पीटा और मोबाइल फोन छीन लिया था। मामले की जानकारी पाकर सांसद रामशंकर कठेरिया समर्थकों व भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंच गए थे।
सांसद की मौजूदगी में भाजपाइयों ने नारेबाजी व हो-हल्ला किया था। बाद में एसएसपी के आरोपी थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करने की बात कही थी।
गुरुवार को इंस्पेक्टर रमेश सिंह कचहरी के पास सिविल लाइन थाने की सरकारी गाड़ी से ड्यूटी करते नजर आए। पत्र फाड़ने और फरियादी के साथ मामले के आरोप की जांच कर रहे एसपी सिटी प्रशांत कुमार प्रसाद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।