इटावा। शहर के मुख्य मार्ग मालगोदाम सड़क पर गुरु तेग बहादुर पुल के नीचे बना भरथना-बिधूना बस स्टैंड मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा है। स्टैंड पर न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही शौचालय की। यहां तक कि स्टैंड परिसर का पृष्ठ भी इतना ऊबड़-खाबड़ है कि जरा सी बारिश होने पर जगह-जगह जलभराव हो जाता है। इसके कारण बसों को भी कीचड़ में ही खड़ा करना पड़ता है। कोई बाउंड्रीवॉल न होने के कारण खुले परिसर में कई जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। शौचालय न होने के कारण यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
गुरु तेग बहादुर पुल के नीचे स्थापित यह बस अड्डा रोज 36 बसों की आवाजाही का केंद्र है। इस बस स्टैंड से शहर से भरथना, बिधूना और औरैया के सहार कस्बे तक बस सेवा चलती है। औसतन रोजाना एक से डेढ़ हजार लोग रोजाना यात्रा करते हैं। इसके बावजूद यहां यात्रियों के लिए कोई इंतजाम नहीं है। बिजली, पानी, शौचालय के लोग इधर, उधर मुंह ताकते हैं। अव्यवस्थाओं की वजह से ही लोग सड़क पर बाहर खड़े होकर अधिकांशतः बस पकड़ लेते हैं। गंदगी की वजह से आने वाली बदबू से स्थिति और बदतर है। बारिश के समय यहां कीचड़ के कारण यात्री सहित बस चालक और परिचालकों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
बस स्टैंड परिसर की हालत दयनीय है। सुबह पांच बजे से लेकर रात आठ बजे तक यहां से बसों की आवाजाही रहती है। परिसर में न तो बिजली की कोई व्यवस्था और न ही बस कर्मियों और यात्रियों के लिए शौचालय की।
ओमकार सिंह, महामंत्री, आदर्श बस ऑपरेटर यूनियन
बाउंड्रीवॉल न होने के कारण स्टैंड में जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा रहता है। बारिश के समय कीचड़ में बसों को खड़ा रखना पड़ता है। परिसर का पक्का समतलीकरण हो जाए तो यात्रियों के लिए सुविधाजनक रहेगा।
रामशंकर, स्टैंड मैनेजर
बस स्टैंड को लेकर यूनियन के पदाधिकारियों से वार्ता करके अस्थायी इंतजाम कराने के प्रयास किए जाएंगे। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से भी बात करेंगे।
संतोष मिश्रा, ईओ, नगर पालिका