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नौ सीएचसी में से छह में सीबीसी जांच का इंतजाम नहीं

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इटावा। जिले की नौ में छह सीएचसी पर सीबीसी जांच नहीं हो रही है। दो सीएचसी पर तो मशीन ही नहीं है और दो में कई महीने पहले केमिकल खत्म हो गया था। एक सीएचसी में मशीन के तार चूहों ने काट दिए थे। जांच के लिए आने वाले मरीजों को जिला अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है। जिला अस्पताल दूर होने से मरीज कस्बों में खुली निजी पैथोलॉजी में 250 से 300 रुपये देकर जांच करा रहे हैं। बसरेहर, सैफई, भरथना सीएचसी, जिला अस्पताल और सैफई मेडिकल कॉलेज में जांच हो रही है।
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ताखा ब्लाक में दो सीएचसी हैं। सरसईनावर सीएचसी पर ब्लड जांच के लिए एलटी दीपिका तैनात हैं। यहां मधुमेह, मलेरिया, विडाल, इल्टोलाइट की जांच होती है, लेकिन सीबीसी जांच बंद है। मशीन के तार छह महीने पहले चूहों ने काट दिए थे, अभी तक मरम्मत नहीं हो पाई है। मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जाता है। अधीक्षक डॉ. उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मशीन बदलवाने के लिए सीएमओ लिखा जा चुका है। ताखा सीएचसी में एलटी विकास कुमार तैनात हैं लेकिन मशीन नहीं है। राजपुरा, महेवा, उदी और जसवंतनगर सीएचसी में भी अलग-अलग कारणों से सीबीसी जांच नहीं हो रही है। सीएचसी अधीक्षकों का कहना है कि जानकारी अधिकारियों को दी जा चुकी है।
किस सीएचसी में क्या दिक्कत
- जसवंतनगर सीएचसी में दो महीने से रीजेंट केमिकल नहीं।
- राजपुर सीएचसी में मदर बोर्ड और रीजेंट केमिकल नहीं।
- सरसईनावर सीएचसी में चूहे मशीन के तार काट गए हैं।
-उदी सीएचसी में मशीन ही नहीं है।
- ताखा सीएचसी में मशीन नहीं।
महेवा में जांच लिखी, कहा बाहर से करा लो
निवाड़ीकला। महेवा सीएचसी अधीक्षक अस्पताल में सभी जांचें होने का दावा करते हैं लेकिन उनके इस दावे की हवा सोमवार को हुई पड़ताल में निकल गई। सोमवार को संवाद टीम का सदस्य मरीज बनकर दोपहर 12 बजे सीएचसी पहुंचा। एक रुपये का पर्चा बनवाकर फार्मेसी कक्ष में ओपीडी कर रहे डॉ. सज्जाद फार्मेसी से संपर्क किया। डॉक्टर को बताया कि कई दिन से बुखार और कमजोरी है। जोर देने पर डॉक्टर ने सीबीसी जांच लिख तो दी लेकिन जांच बाहर कराने के लिए कहा। इसी बीच सराय जलाल निवासी मरीज बांकेलाल भी पहुंच गए। उन्हें भी सीबीसी जांच लिखकर बाहर से कराने की सलाह दी गई। (संवाद)
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क्या है सीबीसी जांच
कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) खून में लाल रक्त व श्वेत रक्त कोशिकाओं की महत्वपूर्ण जानकारी हो जाती है। इस जांच से एनीमिया, इंफेक्शन या ल्यूकेमिया जैसी गंभीर बीमारियों का भी पता लगाया जा सकता है।
सच्चाई मरीजों की जुबानी
जसवंतनगर सीएचसी पर आए महलई गांव के उमा शंकर ने बताया कि डॉ. ने इंफेक्शन होना बताया है। यहां सीबीसी की जांच नहीं हो रही है, बहार से कराने के लिए कहा है।
जसवंतनगर सीएचसी पहुंचीं डूडा कॉलोनी की ममता देवी ने कहा कि कई दिन से बुखार आ रहा है। डॉक्टर ने सीबीसी जांच बहार से कराने की सलाह देकर दवाएं लिखी हैं।
राजपुर सीएचसी डॉक्टर को दिखाने गईं विरोना बाग गांव की गोपी ने कहा कि कई दिनों से बुखार है और उल्टियां हो रहीं हैं। डॉक्टर ने दवाएं देकर बाहर से सीबीसी जांच कराने की बात कही है।
राजपुर सीएचसी में गनियावर गांव के शिव सिंह ने बताया कि कई दिनों से तेज बुखार है। खून की जांच करा ली है। सीबीसी की जांच जिला अस्पताल से कराने की सलाह दी गई है।
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