बकेवर (इटावा)। पिछले साल गोरखपुर में पुलिस की गोली से मरे इटावा के अखिलेश निषाद के पिता को सीएम ने दस लाख मुआवजे की चेक दी है। वह निषादों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग को लेकर हुए आंदोलन में शामिल होने गए थे।
गौरतलब है कि सात जून-15 को गोरखपुर में निषाद समाज के लोगों ने खुद को पिछड़ी जाति की अपेक्षा अनुसूचित जाति में शामिल करने को लेकर धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन किया था। प्रशासन से बातचीत के दौरान हुए बवाल में पुलिस ने फायरिंग की थी।
जिसमें इटावा जिले के ग्राम दिलीप नगर की मडै़या निवासी आत्माराम निषाद के 23 वर्षीय पुत्र अखिलेश निषाद की मौत हो गई थी। मड़ैया दिलीप नगर से लगभग 12 युवक इस धरना-प्रदर्शन में शामिल होने गए थे।
गोरखपुर के सहजनवा थाना में पुलिस ने निषाद समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद एवं मृतक अखिलेश निषाद सहित लगभग 24 लोगों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी। इस घटना के बाद मड़ैया दिलीप नगर में भाजपा एवं बसपा के नेताओं ने आकर इसको राजनीतिक रंग देते हुए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी।
बाद में सपा ने स्वास्थ्य राज्यमंत्री बिशम्भर प्रसाद निषाद के नेतृत्व में निषाद समाज के 12 नेताओं के प्रतिनिधि मंडल को डैमेज कंट्रोल के लिए भेजा। सीएम ने 10 लाख रुपये मुआवजाकी घोषणा की थी।
विगत 19 मार्च को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृतक के पिता आत्माराम को 10 लाख रुपये का चेक अपने आवास पर दिया। आत्माराम को उपजिलाधिकारी चकरनगर अपने साथ लखनऊ लेकर गए थे।