फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नववर्ष : पहले दिन मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। नववर्ष के पहले दिन लोगों ने मंदिरों व गुरुद्वारा में पहुंचकर अपने व परिवार की सुख समृद्धि की कामना करते हुए माथा टेका। नए साल की शुरुआत सुबह हल्के कोहरे और गलन के साथ हुई। बावजूद इसके लोग स्नान करने के बाद सीधे मंदिरों में दर्शन कर माथा टेकने पहुंचे।
विज्ञापन

सुबह आठ बजे आलम यह था कि काली बांह मंदिर जाने वाले लोगों को छैराहा से निकलते ही कोहरे का सामना करना पड़ा। ऐसे में वाहन सवारों को धीमी गति से वाहन चलाना पड़ा।
ओस की वजह से कपड़े भी हल्के से भीग गए थे। नए साल के मौके पर हर बार की तरह इस बार भी मंदिर परिसर को सजाया गया था, लेकिन सुबह करीब आठ बजे तक कोहरे और गलन की वजह से मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या कम देखने को मिली।
विज्ञापन

नौ बजे के बाद मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ती चली गई। दोपहर में लोग सपरिवार काली बांह मदिर पहुंचकर मां काली, लक्ष्मी एवं सरस्वती की प्रतिमाओं के समक्ष माथा टेककर अपनी सुख समृद्धि बनाए रखने की कामना की।
ग्वालियर रोड स्थित काली बांह मंदिर के प्रति शहर के लोगों की गहरी आस्था है। कोई भी शुभ अथवा नया कार्य करने से माता रानी का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करते हैं।
नया वाहन खरीदने के बाद काली बांह मंदिर पहुंचकर वाहन की पूजा कराते हैं। लालपुरा स्थित नीलकंठ महादेव के दर्शन और माथा टेकने के लिए लोग सपरिवार पहुंचे।
मंदिर परिसर में स्थापित समस्त देव प्रतिमाओं के समक्ष भी लोगों ने माथा टेका। नीलकंठ महादेव मंदिर के प्रति भी लोगों की गहरी आस्था है। शहर के अंदर होने की वजह से लोग किसी विशेष मौके अथवा त्योहार पर दर्शन करने जरूर पहुंचते हैं।
इन मंदिरों के अलावा पिलुआ महावीर मंदिर व शहर में चौगुर्जी स्थित प्राचीन शिव मंदिर, प्रधान डाकघर के सामने स्थित बड़े हनुमान मंदिर में भी लोगों ने माथा टेका। शहर के अन्य मंदिरों में भी लोगों ने हाजिरी लगाई।
गुरुद्वारा में आयोजित हुआ लंगर
शहर में पंजाबी कालोनी करमगंज स्थित गुरुद्वारा में नववर्ष के पहले दिन सिख समाज के लोग सपरिवार माथा टेकने पहुंचे। अरदास के बाद लंगर आयोजित हुआ। लोगों ने प्रसाद रूपी लंगर में सब्जी, कचौड़ी, जलेबी और दूध ग्रहण किया।
नए साल पर मंदिरों में पहुंचे लोग
लवेदी। नए साल के पहले दिन लोगों ने सर्दी होने के बावजूद ऐतिहासिक कालिका मंदिर लखना पर पहुंचकर मां की पूजा-अर्चना कर दुआ मांगी। वहीं अपने परिचितों और रिश्तेदारों से मिलकर शुभकामनाएं दीं।
सुबह सूर्य की पौ फटते ही लोगों ने जागकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर कालिका देवी मंदिर पर पहुंचकर मां की पूजा अर्चना की। इसके अलावा बड़े बुजुर्गों से आशीर्वाद भी लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें