गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र खोलने में गांवों की दूरी का ध्यान नहीं रखा गया है। महेवा के करीब क्रय केंद्र पर बकेवर क्षेत्र के गांव जोड़ दिए गए है। किसानों की समय की बर्बादी के साथ भाड़ा भी अधिक देना पड़ रहा है।
महेवा ब्लॉक में छह सरकारी गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन क्रय केंद्रों पर 10 से 12 किलोमीटर दूर तक के गांव जोड़ दिए गए हैं।
किसान सेवा सहकारी समिति बकेवर में पीसीएफ का खरीद केंद्र है। इसमें 36 गांव लगाए गए हैं। सहकारी संघ उरेंग में 17 गांव लगाए गए हैं। दिलीपनगर क्रय केंद्र पर 45 गांव लगाए गए हैं। साधन सहकारी समिति केंद्र मुकुटपुर महेवा पर 10 गांव लगाए गए हैं।
महेवा के खाद्य विभाग के केंद्र पर 16 गांव लगाए गए हैं। इस केंद्र में लगाए गए शेरपुर रसूलपुर, व्यासपुर, सुनवर्षा, नौधना गांव बकेवर के पास हैं।
बकेवर से इनकी दूरी दो से तीन किमी है और महेवा छह से सात किमी पर है। इसी प्रकार दिलीपनगर केंद्र से जोड़े गए ईश्वरीपुरा, आसई, नवादा बहादुरपुर 20 किलोमीटर दूर हैं।
ग्राम व्यासपुर नगला खादर के किसान रूप नारायण त्रिपाठी ने बताया कि गांव बकेवर से दो और महेवा केंद्र से नौ किलोमीटर दूर है। बकेवर केंद्र तक ट्रैक्टर का भाड़ा दो सौ रुपये और महेवा का 500 रुपये है। बकेवर पास है लेकिन गांव महेवा केंद्र में जोड़ दिया गया।
नगला खादर के रामेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि उनका गांव महेवा केंद्र से जोड़ा गया है। इससे क्रय केंद्र तक गेहूं ले जाने में खर्च अधिक लगेगा। अधिकारी कार्यालय में बैठकर क्रय केंद्र तय कर देते हैं। क्रय केंद्र पर किसान कैसे उपज ले जाएंगे इससे उनका कोई लेना देना नहीं होता है।
ग्राम शेरपुर के किसान अखिलेश कुमार ने बताया कि उनका गांव सात किलोमीटर दूर महेवा केंद्र से लगा दिया गया है जबकि बकेवर केवल डेढ़ से दो किलोमीटर ही दूर है। महेवा तक ले जाने का भाड़ा भी पांच से आठ सौ रुपये लगेगा।
ग्राम शेरपुर के किसान छोटे कठेरिया कहते हैं कि बकेवर केंद्र शेरपुर गांव से बहुत करीब है। लोगों का दिन भर बकेवर का जाना आना रहता है। इसके बावजूद गांव को महेवा के क्रय केंद्र से जोड़ दिया गया है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है।
किसान प्रवीण कुमार कहते हैं कि सरकारी खरीद केंद्रों पर गांवों का निर्धारण करने से अधिक भीड़ नही होगी। परंतु जो गांव जिस केंद्र के पास है। उसे उस केंद्र पर ही लगाना चाहिए था। जिससे किसानों परेशानी न हो और किसानों का खर्च भी कम हो।