बकेवर। घने कोहरे से सरसों की फसल पर काफी असर पड़ रहा है। सरसों की फलियां सिकुड़ गई हैं, जबकि नई फलियां निकलने में समय लगेगा। किसानों का कहना है सरसों की सामान्य फसल में तकरीबन 20 से 30 फीसदी पैदावार पर विपरीत असर पड़ेगा।
जनवरी में घने कोहरे और बारिश होने से सरसों की फसल का सबसे ज्यादा असर पड़ता नजर आ रहा है। हालांकि, सरसों की जो अगेती फसल थी, उसे नुकसान नहीं है।
उनमें फलियां काफी हद तक आ चुकी थीं। बहुत पीछे की फसल में भी फूल आना शुरू हो चुका है, लेकिन उसका सरसों की फसल पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जो फसल मध्यम समय में बोई गई थी, इसी फसल पर ही कोहरे की मार अधिक देखने को मिल रही है।
सरसों की मध्यम समय में जो फसल बोई गई थी, उसमें फूल व फलियां निकल रहीं थीं, लेकिन उसी दौरान हुई बूंदाबांदी से कुछ हद तक फूल गिर गए। इस बारे में किसान सुबोध कुमार, लाल जी, बबलू अग्निहोत्री का कहना है सरसों की फलियों में जो दाने हैं, वह बेकार हो जाएंगे।
धूप निकलने पर भी वह फलियां सामान्य आकार में नहीं आ सकेंगी। अंदर के दाने भी बेकार होंगे, जो फलियां सिकुड़ गई हैं, उनमें दाना निकलने से पैदावार पर विपरीत असर पड़ेगा।