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Etawah News: सरसों पर भी मौसम की मार, गिर सकती पैदावार

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चकरनगर। सरसों की फसल पक चुकी है। कुछ दिनों में कटाई शुरू हो जाएगी। इस बार पैदावार को लेकर किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। बीते माह कोहरा, पाला, शीतलहर और बारिश की वजह से सरसों की फसल में 30 से 40 फीसदी तक नुकसान की आशंका किसान जता रहे हैं।
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चकरनगर क्षेत्र के सिरसा गढ़ैया, सहसों, कोला, प्रेमकापुरा मिटहठी के अतिरिक्त आसपास के अधिकतर किसान सरसों की पैदावार करते हैं। किसानों का कहना है कि खराब मौसम की वजह से सरसों की फसल में रोग लग गया। पौधे पहले पीले फिर काले पड़ गए। फलियों में पानी पड़ गया। इससे पैदावार 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है।
किसानों को उम्मीद थी कि इस साल फसल अच्छी होने से सरसों का भाव भी मजबूत होगा। अभी सरसों का भाव 5300 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है। किसानों ने बताया कि यदि पैदावार ठीक नहीं मिली तो सरसों की खेती से मुंह फेरने की मजबूरी होगी। क्षेत्र में इस वर्ष 6000 हेक्टेयर भूमि में सरसों की बुआई की गई है।
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गढैया के किसान पहलवान सिंह ने बताया कि सरसों की फसल लगभग पक चुकी है। 10 दिन में कटाई तेज हो जाएगी। इस बार पैदावार में कमी देखने को मिलेगी। खराब मौसम की वजह से कीट का प्रकोप होने से फसल खराब हुई है।

सहसों के किसान भूरे कुशवाह का कहना है कि फसल खराब होने से किसानों को बड़ा झटका लगा है। दिसंबर तक अंकुरण और वृद्धि ठीक थी, लेकिन बाद में मौसम बिगड़ा हुआ तो फसल खराब हो गई। लागत निकालना मुश्किल है।



सरसों के दानों में जो वजन और चमक होनी चाहिए थी, वह इस बार नहीं है। इसका कारण खराब मौसम रहा है। पहले बुआई वाली फसल में नुकसान है। नुकसान कितना है यह अभी बता पाना संभव है लेकिन 15 प्रतिशत तक का अनुमान है। किसान अगर बीमा कराएं तो नुकसान का मुआवजा मिल जाता है। फिर भी जो उनके स्तर से हो सकता है वह करेंगे।
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- आरएन सिंह, उप कृषि निदेशक
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