सैफई। उत्तर प्रदेश में चुनाव का उत्सव शुरू होने के साथ ही कई सवाल फिजा में फिर से घूमने लगे हैं। कई अधूरी पड़ी परियोजनाएं, कई महत्वाकांक्षी कामों की लोगों ने फिर से लिस्ट निकाल ली है। इन पर चर्चा-परिचर्चा भी शुरू हो गई है। सैफई में कई ऐसे बड़े प्रोजेक्ट हैं, जिन पर लोगों में बहस छिड़ गई है। इनमें से एक प्रोजेक्ट है सैफई को नीदरलैंड की मानिंद सजाना-संवारना।
साल 2012 में सरकार ने इस गांव और क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू किए। तभी सैफई अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट बनाया गया था। 170.96 करोड़ की परियोजना के तहत पूरे गांव में सीवर लाइनें बिछाई जानी थीं। पेयजल के लिए नई लाइनों का जाल बिछाया जाना था। अंडर ग्राउंड बिजली की लाइनें डाली जानी थीं। सड़कों का नए सिरे से निर्माण कराया जाना था। साइकिल ट्रैक का भी निर्माण किया जाना था।
जलापूर्ति योजना के अंतर्गत दो ओवरहेड टैंक बनाए जाने थे। पूरे कार्य को करने के लिए राजकीय निर्माण निगम संस्था को लगाया गया था। वर्ष 2015 में परियोजना की स्वीकृति दे दी थी। इसके तहत सपा सरकार ने लगभग 70 करोड़ रुपये जारी किए थे। लगभग दो साल में इस परियोजना के तहत लगभग 24 फीसदी काम भी हो गया था, लेकिन उसके बाद 2017 में सपा सरकार चली गई और प्रदेश में भाजपा की सरकार बन गई। फिर इस प्रोजेक्ट के लिए एक रुपये जारी नहीं किया गया और सभी काम जहां के तहां रुक गए। (संवाद)
पिछले पांच साल में भाजपा सरकार के दौरान प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए राशि नहीं मिली है। काम रुके पड़े हैं, यदि अब फिर से काम पूरे करने के लिए राशि की स्वीकृति मिलती है, तो इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़ जाएगी। 170.96 करोड़ की परियोजना की लागत आज के हिसाब से कई गुना बढ़ चुकी होगी, इसलिए अब यदि बची हुई राशि जारी भी कर दी जाएगी, तो उस राशि से प्रोजेक्ट पूरे होना बहुत मुश्किल काम है।
चारों तरफ सीवर लाइन के गड्ढे हैं, जिससे आए दिन कोई न कोई उन गड्ढों में गिरकर घायल होता रहता है, जबकि इस योजना को पांच वर्ष का समय हो चुका है, लेकिन अब तक पूर्ण नहीं हुई। भाजपा सरकार के दौरान यहां पर कई एक परियोजना अधूरी पड़ी हैं। जिन्हें आज तक पूरा नहीं किया गया, जिससे सैफई का विकास अधूरा है।
-मोहित यादव
सरकार द्वारा योजना लागू कर दी जाती है, उसके बावजूद कार्य पूर्ण होने पर आम पब्लिक को समस्या होती है। यहां पर चारों तरफ सीवर लाइन के लिए खुदाई हुई, तभी से यहां पर गड्ढे हैं। जिनमें आए दिन लोग घायल होते रहते हैं। बीजेपी सरकार में यहां पर कहीं योजनाओं को बजट भेज दिया गया जो समाजवादी सरकार की थी। अगर सरकार द्वारा बजट दे दिया जाए तो नीदरलैंड की तर्ज पर यहां भी विकास दिखने लगेगा।
-संजीव यादव
सैफई अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में धन नहीं है। जिसके कारण कार्य रुका हुआ है, जैसे ही धन उपलब्ध होगा आगे का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। 24 फीसदी कार्य हो चुका है। 99 करोड़ 67 लाख रुपये की जरूरत है। अगर बजट शासन से उपलब्ध हो जाता है तो तीन वर्ष में परियोजना पूरी होगी।
- पंकज वर्मा, परियोजना प्रबंधक, राजकीय निर्माण निगम