इटावा। गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को पोषण आहार बांटने के बावजूद जिले को कुपोषण के दाग से मुक्ति नहीं मिल रही है। फरवरी में कराए गए बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में 741 बच्चे अतिकुपोषित मिले हैं। इसमें शहर, महेवा और भरथना ब्लाक की स्थिति ज्यादा गंभीर है।
जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने सोमवार को जिला स्तरीय पोषण अभिशरण और शिकायत निवारण समिति की मासिक बैठक में पोषण पखवाड़ा के कार्यक्रमों की समीक्षा की। इसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह ने बताया फरवरी में शून्य से पांच वर्ष तक के 126201 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसमें 741 बच्चे अतिकुपोषित मिले हैं। शहर में 184, महेवा ब्लाक में 106 और भरथना ब्लाक में 102 बच्चे अतिकुपोषित हैं।
इसके अलावा 4237 बच्चे कुपोषित मिले। इनमें महेवा ब्लाक में 653, ताखा ब्लाक में 566 और शहर में 579 बच्चे शामिल हैं। मार्च में फिर 3648 बच्चों का वजन किया गया, जिसमें फरवरी में कुपोषित मिले 755 बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार आया और वह पोषित की श्रेणी में आ गए। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि तीन आंगनबाड़ी को गोद दिया जाना है। इसकी सूची सांसदों और विधायकों को उपलब्ध करा दी गई है।
गोशाला से गाय ले सकते हैं अभिभावक
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के तहत जिन परिवारों में कुपोषित बच्चे हैं। अगर उन परिवारों के सदस्य चाहें तो गोवंश आश्रय स्थल से गाय गोद ले सकते हैं। गोवंश के चारे आदि के लिए 900 रुपये हर महीने शासन की ओर से दिए जाएंगे।