सदर विधायक सदर सरिता भदौरिया, जिलाधिकारी जेबी सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने फाइलेरिया की दवा खाकर फाइलेरिया मुक्त अभियान का शुभारंभ किया।
सीएमओ ने बताया कि लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाने के लिए टीमें घर-घर जाएंगी। लोगों से दवा खाने और परिवार के सदस्यों को दवा खिलाने में वाली टीमों का सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने बताया फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है। फाइलेरिया मच्छरों के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है। जिसे सामान्यत: हाथीपांव के नाम से जाना जाता है। इसकी दवा खाने से किसी भी तरह नुकसान नहीं होता है।
इस दवा के खाने से पेट के कीड़े, खुजली ,हाइड्रोसील की रोकथाम में मदद मिलती है। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 2021 तक फाइलेरिया को जड़ से समाप्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.रवींद्र कुमार ने बताया कि फाइलेरिया की दवा दो साल से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नहीं दी जाएगी। खाली पेट दवा नहीं खिलानी है। फाइलेरिया की दवा घर- घर खिलाने के लिए सोमवार, मंगलवार, वृहस्पतिवार एव शुक्रवार निर्धारित किया गया है।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर सिद्धार्थ, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीएल संजय, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. श्रीनिवास यादव, डॉ. महेश चंद्रा, डीपीएम संदीप कुमार दीक्षित, नवीन सक्सेना, नीरज दुबे, अमर नाथ तिवारी आदि उपस्थित रहे।