इटावा। व्यापारी नेता सुमंत गुप्ता ने ऑनलाइन व्यापार में जीएसटी 28 प्रतिशत करने और खुदरा व्यापार में जीएसटी को दो स्लैब में करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा।
शहर के एक होटल में पत्रकारों से चर्चा में अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमंत गुप्ता ने कहा कि हम जीएसटी का विरोध नहीं कर रहे हैं। जीएसटी सरकार व्यापारियों से ले, लेकिन इसका व्यवहारिक पक्ष भी समझना चाहिए।
जीएसटी के चार स्लैब होने से व्यापारियों को परेशानी हो रही है। इसे दो स्लैब में करना चाहिए। जीएसटी का भुगतान न होने पर जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान भी खत्म होना चाहिए। उनका कहना था कि कई बार ऐसा होता है कि सर्वर धीमा होने और फेल होने से भी व्यापारी जीएसटी की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते हैं।
इसके अलावा जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों का बीमा 50 लाख तक करना चाहिए। व्यापारी अपने भविष्य के प्रति सुनिश्चित होगा तो सरकार को निश्चिंत होकर कर दे सकेगा। उन्होंने राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन कर व्यापारियों से संबंधित सभी 36 विभागों को जोडने और व्यापारियों को भी आयुष्मान योजना का लाभ देने की मांग भी उठाई। व्यापारी नेता ने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही से दुकानों, गोदामों में होने वाले हादसों पर मुआवजे का भी प्रावधान होना चाहिए, क्योंकि ऐसे हादसे कई जगह हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि कानपुर में पांच जनवरी को परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन होने जा रहा है। इसमें भी ये मुद्दे उठाए जाएंगे। इस कार्यक्रम में इटावा से करीब 200 लोग जाएंगे। प्रेसवार्ता में रामशरण गुप्ता, मनोज पोरवाल, पंकज गुप्ता, सर्वेश पोरवाल, हरी पोरवाल, विवेक रेंजन गुप्ता, मुकेश गुप्ता, राजीव गुप्ता आदि मौजूद रहे।