इटावा। भाव नहीं मिलने से किसान शीतगृहों से आलू की निकासी नहीं कर रहे हैं। किसानों की इस समस्या को 12 सितंबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर जिला प्रशासन हरकत में आ गया। जिलाधिकारी ने बैठक लेकर किसानों, व्यापारियों को भाड़ा अनुदान की जानकारी देने, अधिक ब्रिकी वाली मंडियों का प्रचार करने और शीतगृहोें से किसानों के लिए तुरंत गेटपास जारी करने के आदेश अधिकारियों को दिए हैं।
कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी जेबी सिंह ने शीतगृहों से आलू निकासी की समीक्षा की। इसमें शीतगृह के मालिक, प्रगतिशील किसान, व्यापारी, मंडी परिषद, उद्यान विभाग समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए।
किसानों शिकायत की कि मंडी से गेट पास मिलने में दिक्कत आती है। गेट पास के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताई और मंडी सचिव को किसानों के गेट पास तत्काल जारी करने की व्यवस्था करने के आदेश दिए।
बैठक में बताया गया कि सरकार किसानों को 150 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली मंडियों में आलू ले जाने पर 50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भाड़ा देगी। व्यापारियों को ये सहूलियत 300 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली मंडियों में आलू ले जाने पर दी जाएगी। भाड़ा मंडी समिति की ओर से दिया जाएगा। आलू बिक्री पर किसान व व्यापारी को मंडी शुल्क और विकास सेस से भी छूट दी जाएगी।
अधिकारियों ने डीएम को बताया कि अभी तक केवल 40 प्रतिशत आलू की निकासी हुई है। जिलाधिकारियों ने अधिकारियों से कहा कि ब्लॉकों, ग्राम पंचायतों और अन्य जगह होने वाली बैठकों में किसानों को आलू निकासी के लिए जागरूक किया जाए। उन्हें सरकार से मिलने वाले भाड़ा अनुदान की जानकारी भी दी जाए। उन्होंने किसानों और व्यापारियों से आलू की निकासी व बिक्री बढ़ाने के लिए सुझाव भी मांगे। सीडीओ राजा गणपति आर भी मौजूद रहे।