सैफई। बाबा रामदेव के विवादास्पद बयान के विरोध में मंगलवार सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों ने हाथ की बांह पर काला फीता बांधकर विरोध जताया।
डाक्टरों का कहना है कि योग गुरु बाबा रामदेव के दो अलग-अलग वीडियो में कोरोना वैक्सीन और एलोपैथिक चिकित्सा को लेकर भ्रामक और समाज को बरगलाने वाली टिप्पणी की गई है।
वीडियो में बाबा रामदेव द्वारा कहा गया है कोरोना वैक्सीनेशन की दोनों डोज लेने के बाद एक हजार से ज्यादा एलोपैथी डॉक्टरों की कोरोना से मृत्यु हो गई। जो डॉक्टर खुद को नहीं बचा पा रहे हैं, वह आपको क्या बचाएंगे।
बाबा की इस तरह की निराधार व अभद्र टिप्पणी अशोभनीय है। इसे लेकर देश भर के डॉक्टरों ने मंगलवार को बांह पर काला फीता बांधकर प्रतीकात्मक विरोध करते हुए ब्लैक डे मनाया।
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. टिंकू सिंह ने बताया कि बाबा रामदेव की बयानबाजी दुर्भाग्यपूर्ण है। बाबा रामदेव को न तो आयुर्वेद से मतलब है और न एलोपैथी से।
वह एक टाइप के बिजनेसमैन व्यक्ति हैं, जिन्हें केवल अपनी दुकान चलाना है। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने बाबा रामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।