इटावा। दो प्रत्याशियों के बीच प्रधानी के वर्चस्व में 12 साल पहले चौबिया के गांव सीपुरी में हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। इसमें एक की मौत हो गई थी और आठ लोग घायल हुए थे। कई राउंड फायरिंग से सीपुरी गांव थर्रा गया था।
वर्ष 2012 में पंचायत चुनाव चल रहे थे। सभी प्रत्याशी जीत के लिए दांवपेंच दिखा रहे थे। गांव सीपुरी में भी कई प्रत्याशी मैदान में थे। एक-दूसरे को हराने के लिए हर हथकंडे अपनाए जा रहे थे। इसी बीच चुनाव लड़ रहे बांकेलाल व अवनीश कुमार डंका बजाकर जीतने के दावे करने लगे। धीरज सिंह बांकेलाल के समर्थन में गांव में प्रचार कर रहे थे। बांकेलाल निवर्तमान प्रधान थे, इसलिए चुनाव उनकी ओर जाता नजर आ रहा था। इससे बौखलाए अवनीश दबंगई के बल पर चुनाव जीतने पर उतारू हो गया था।
उसने वर्चस्व दिखाने के लिए बांकेलाल के लोगों को एक साथ देखकर अवनीश पक्ष के 12 लोगों ने हमला बोल दिया था। बांकेलाल पक्ष के लोग कुछ समझ पाते इससे पहले अवनीश पक्ष के लोगों ने खुलेआम अंधाधुंध फायरिंग करके खलबली मचा दी थी। इसमें आठ लोग घायल हो गए थे और धीरज की मौत हो गई थी। विशेष लोक अभियोजक रमाकांत चतुर्वेदी ने बताया कि करीब 12 साल तक इस मामले की सुनवाई होने के बाद आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।