बीती रात प्रदर्शनी पंडाल में जयपुर से पधारी शोहरत याफ्ता कव्वाल नसीमा परवीन तथा नागपुर के असफाक राजा के बीच जवाबी कव्वालियों का धमाल हुआ। ये कार्यक्रम रात के तीसरे पहर तक चलता रहा।
वरिष्ठ सदस्य सुरेश चंद्र त्रिपाठी ने उद्घाटन किया। संयोजक कैलाश अवस्थी, भगवान पोरवाल, वीरेंद्र सिंह चौहान, प्रदीप पांडेय सहित संयोजक मंडल ने अतिथियों व कव्वाल- पार्टियों का स्वागत किया। संचालन देवेश शास्त्री व करुणा शंकर दुबे ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मोहतर्मा नसीमा परवीन तथा असफाक राजा ने संयुक्त रूप से ‘‘सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा’’ के गायन प्रस्तुत कर राष्ट्र प्रेम दर्शाया।
असफाक राजा की टीम ने ‘‘चलती है ख्वाजा की हुकूमत वो ही हिन्दुस्तान है।’’ के साथ ‘या गरीब नवाज ओ ख्वाजा के बाल की कव्वाली पेश की। मोहतर्मा नसीमा परवीन की टीम ने राष्ट्रीय एकता के इस बोल ‘दिल में मंदिर भी होगा मस्जिद भी होगी मगर पहले हिन्दुस्तान होगा’ के साथ ही ‘उसकी मुहब्बत में सर को तो झुका देना, अल्लाह मेरा रुतवा कुछ और बढ़ा देना’ कव्वाली पेश की।
जैसे-जैसे रात गुजरने लगी, वैसे-वैसे दोनों कव्वाल टीमों के बीच जवाबी हमाल तेज होता गया। पंडाल में मौजूद दर्शक मंत्रमुग्ध होकर कब्बाली का लुत्फ उठाते रहे।