फोटो: 27:: रामलीला में भाई कुम्भकर्ण और विभीषण संग तपस्या करता रावण । स्रोत आयोजक
बसरेहर। बसरेहर में चल रही रामलीला में मोह और अभिमान के वशीभूत होकर देवर्षि नारद ने भगवान हरि को मृत्युलोक में जाने का शाप दिया। दूसरी ओर घनघोर तपस्या के बल पर रावण कुंभकर्ण और विभीषण ने ब्रह्मा जी से वरदान मांगे, रावण ने तीनों लोकों में राज्य स्थापित किया।
श्रीरामलीला महोत्सव में शुक्रवार को नारद मोह व रावण दिग्विजय लीला के मंचन का शुभारंभ ग्राम प्रधान अंकित दुबे ने भगवान श्री हरि की आरती करके किया। लीला में देवर्षि नारद की तपस्या से परेशान इंद्रदेव ने कामदेव से तपस्या भंग कराई।
इससे वह अभिमान के शिकार हो गए, विश्वमोहिनी को देखकर उनके मोहजाल में फंस गए। भगवान श्रीहरि ने नारद का मोहभंग किया तो उन्होंने श्रीहरि को मृत्युलोक में जाने का शाप दिया। रावण कुंभकर्ण और विभीषण ने तपस्या कर ब्रह्माजी से वरदान मांगे, इसके बाद रावण ने कुबेर सहित अन्य राजाओं को परास्त करके तीनों लोकों में राज्य स्थापित करके हाहाकार मचाया।
इस मौके पर अध्यक्ष अनिल यादव, अवनीश यादव, मधुर, कपिल, अमर, भुवनेश पोरवाल, रोहित सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।